श्रद्धा दुबे का साइबर ठगी केस से कनेक्शन, सहारनपुर कोर्ट ने भेजा नोटिस

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में फरार श्रद्धा दुबे से जुड़ा एक अन्य मामला सामने आया है। सहारनपुर में वर्ष 2024 में दर्ज साइबर ठगी के केस में भी उसका नाम सामने आया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सहारनपुर की अदालत ने श्रद्धा दुबे को 30 अक्टूबर 2026 को पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। यह नोटिस लखनऊ के बालू अड्डा स्थित उसके फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर चस्पा किया गया।
90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर में आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल के बकाया बिलों का भुगतान कराने का झांसा देकर करीब 90.59 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरू की। इस मामले में दिसंबर 2024 में लखनऊ के अंकित जायसवाल समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, अंकित सहारनपुर जेल में बंद है।
ठगी की रकम से कार खरीदने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस को एक स्कोडा सुपर्ब कार के बारे में जानकारी मिली, जो श्रद्धा दुबे के नाम पर पंजीकृत बताई गई है। पुलिस की जांच के अनुसार, अंकित जायसवाल ने कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम से यह कार खरीदी थी और इसे श्रद्धा के नाम पर रजिस्टर कराया था। कार को पुलिस ने जब्त कर लिया था और यह सहारनपुर साइबर क्राइम थाने की अभिरक्षा में है।
लखनऊ के फ्लैट पर चस्पा हुआ अदालत का नोटिस
सहारनपुर की अदालत से जारी नोटिस श्रद्धा दुबे के लखनऊ स्थित फ्लैट पर चस्पा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उसे 30 अक्टूबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह कार्यवाही कार से संबंधित प्रकरण में हुई है। इसे शिवा शर्मा की मौत के मामले से अलग कानूनी प्रक्रिया के रूप में समझना जरूरी है।
शिवा शर्मा मामले में भी फरार है श्रद्धा दुबे
श्रद्धा दुबे लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत से जुड़े मामले में भी पुलिस की तलाश में है। 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद शिवा शर्मा की मौत हुई थी। उनकी मां की शिकायत पर पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस प्रकरण में पुलिस जांच जारी है और आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
30 अक्टूबर की पेशी पर नजर
सहारनपुर कोर्ट के नोटिस के बाद अब 30 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी। साइबर ठगी के मामले में कार की खरीद, उसके पंजीकरण और कथित ठगी की रकम से जुड़े पहलुओं की कानूनी प्रक्रिया के तहत पड़ताल की जा रही है। ध्यान रहे कि किसी मामले में नाम आने या नोटिस जारी होने मात्र से किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं होता।



