उत्तर प्रदेशलखनऊ

हिरासत में लिए गए पीएम मोदी और अमित शाह का पुतला फूंकने पहुंचे किसान, अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े

किसान संगठन लगातार केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ की बर्खास्तगी की मांग पर अड़ा हुआ है. सोशलिस्ट किसान सभा के पदाधिकारी आज लखनऊ के शहीद स्मारक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री के पुतले फूंकने के लिए पहुंचे थे. लेकर पुलिस ने सभी पदाधियारियों क हिरासत में ले लिया. सोशलिस्ट किसान सभा के कार्यकर्ता और पदाधिकारी पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पुतले लेकर शहीद स्मारक पहुंचे थे. लेकिन पुतले जलाने से पहले ही इन्हें हिरासत में ले लिया गया.

इससे पहले सोशलिस्ट किसान सभा ने पुचले जलाने को लेकर एक बयान भी जारी किया था. इसमें कहा गया था कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर वह 15 अक्टूबर को दशहरे को 2 बजे शहीद स्मारक पर मोदी, शाह और अजय मिश्रा के पुतले जलाएंगे. उनका कहना है कि वह अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग कर रहे हैं.

लखनऊ के शहीद स्मारक पर पुतला जलाने पहुंचे सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के सदस्य संदीप पांडेय ने कहा कि हमें पुतले जलाने की इजाजत नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि पुतलों और पोस्टरों के साथ जैसे ही वे शहीद स्मारक पहुंचे और उन्होंने वहां की सीढ़ियां चढ़नी शुरू की, उन्हें पुलिस ने रोक दिया. जिन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, उनमें अमित मौर्य, मुनीम कुमार और संदीप पांडे शामिल हैं बता दें कि सोशलिस्ट किसान सभा सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का घटक है.

SKM ने 16 अक्टूबर तक स्थगित किया था कार्यक्रम

संयुक्त किसान मोर्चा ने पुतले फूंके जाने के कार्यक्रम को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया था. उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि इस कार्यक्रम को एसकेएम ने इसे 16 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है. बता दें कि पहले तय किए गए कार्यक्रम के मुताबिक दशहरा के दिन किसान संगठन पीएम मोदी, अमित शाह और केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय टेनी के पुतले फूंकने वाले थे. लेकिन अब 15 अक्टूबर को पुतला दहन नहीं किया जाएगा.

खीमपुर खीरी हिंसा के विरोध में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा था कि दशहरे के दिन पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का पुतला जलाकर हिंसा का विरोध किया जाएगा. इसके साथ ही राकेश टिकैत 26 अक्टूबर को पूरे देश में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक किए जाने का भी ऐलान किया था. वहीं 18 अक्टूबर को किसान के रेल रोको आंदोलन की भी बात कही गई थी.

इनपुट-भाषा

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