बांग्लादेश में नमक संकट! भारत से आयात पर क्यों मचा विवाद?
बांग्लादेश के मुख्य आयात एवं निर्यात नियंत्रक कार्यालय ने 23 सितंबर 2026 को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की सिफारिश के बाद आयात की अनुमति दी। यह कोटा BSCIC द्वारा चिन्हित 251 पंजीकृत नमक मिलों को दिया गया है।
स्थानीय नमक किसान संगठनों का कहना है कि देश में पहले से पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और आयात शुरू होने से घरेलू बाजार में कीमतें गिर सकती हैं। Salt Farmer Welfare Association के अनुसार किसानों और मिल मालिकों के पास 10 लाख टन से अधिक कच्चा नमक होने का अनुमान है, जबकि उद्योग के कुछ प्रतिनिधियों ने BSCIC के आंकड़ों के आधार पर 6-7 लाख टन स्टॉक की बात कही है।
भारत से आने वाले नमक को लेकर भी बांग्लादेशी उद्योग में चर्चा है। ACI Consumer Brands के COO के अनुसार भारतीय नमक में सोडियम क्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण उसे रिफाइन करना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ सकता है। इसी वजह से स्थानीय कारोबारियों को आशंका है कि सस्ते आयात से घरेलू उत्पादकों पर कीमतों का दबाव बढ़ सकता है।
बांग्लादेश में नया नमक उत्पादन सीजन आमतौर पर नवंबर से मई तक चलता है और मौसम का उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है। BSCIC के अनुसार पिछले साल उत्पादन और मांग के बीच अंतर रहा था, जबकि इस साल प्रतिकूल मौसम के कारण संभावित आपूर्ति संकट से बचने के लिए आयात को एक एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
आयात के फैसले पर स्थानीय उद्योग के भीतर भी मतभेद हैं। कुछ कारोबारी इसे संभावित कमी से निपटने के लिए जरूरी मानते हैं, जबकि किसान संगठन और कुछ रिफाइनर घरेलू उत्पादन और कीमतों पर इसके असर को लेकर चिंता जता रहे हैं।



