Gold Price: महंगे सोने से गहनों की बिक्री फीकी, धनतेरस से उम्मीदें

भारत में दशहरा, धनतेरस और दिवाली के अवसर पर सोने के गहने खरीदना शुभ माना जाता है। इन त्योहारों पर ज्वेलरी कारोबार में आमतौर पर तेजी देखने को मिलती है। लेकिन 2026 में सोने की ऊंची कीमतों ने ग्राहकों के खरीदारी बजट पर असर डाला है। नतीजतन, दशहरा के दौरान गहनों की बिक्री में अपेक्षित तेजी नहीं दिखी और बाजार में कारोबार काफी हद तक स्थिर रहा।
महंगे सोने के कारण खरीदारी के तरीके में बदलाव
सोने की कीमत बढ़ने से ग्राहकों को समान बजट में पहले के मुकाबले कम वजन के गहने मिलते हैं। ऐसे में कुछ खरीदार भारी पारंपरिक गहनों के बजाय हल्के डिजाइन, छोटे आभूषण और कम कैरेट वाले विकल्प चुन रहे हैं। 9 कैरेट और 18 कैरेट सोने के गहनों तथा डायमंड जड़ित डिजाइन में भी ग्राहकों की दिलचस्पी देखने को मिली है।
इस बदलाव से ज्वेलर्स भी अपने उत्पादों और बिक्री रणनीति में बदलाव कर रहे हैं। हल्के वजन वाले गहनों के नए डिजाइन, पुराने सोने के बदले नए आभूषण और त्योहारों से जुड़ी विशेष योजनाएं ग्राहकों को आकर्षित करने के तरीके बन रहे हैं।
गुजरात में दशहरा पर बिक्री में बड़ी गिरावट
टाइम्स ऑफ इंडिया की 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात में दशहरा के दौरान सोने के गहनों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले लगभग 40% कम रही। रिपोर्ट में खुदरा बिक्री का अनुमान करीब 100 से 120 किलोग्राम बताया गया। ऊंची कीमतों और ग्रामीण ग्राहकों की कमजोर खरीद क्षमता को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया गया। हालांकि, यह आंकड़ा गुजरात का है और इसे पूरे भारत के बाजार की स्थिति नहीं माना जाना चाहिए।
अब धनतेरस और दिवाली से उम्मीदें
दशहरा के बाद अब ज्वेलर्स को धनतेरस और दिवाली से कारोबार में सुधार की उम्मीद है। इन अवसरों पर सोने के सिक्के, चांदी के सिक्के, बर्तन और गहने खरीदने की परंपरा है। शादी-ब्याह के लिए खरीदारी भी मांग को सहारा दे सकती है।
हालांकि, बिक्री का वास्तविक प्रदर्शन सोने की कीमतों, ग्राहकों के बजट और बाजार में उपलब्ध ऑफर पर निर्भर करेगा। यदि कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो ग्राहक खरीदारी की मात्रा कम रख सकते हैं या पुराने गहनों को एक्सचेंज करके नए आभूषण खरीदने का विकल्प अपना सकते हैं।
ज्वेलर्स ग्राहकों को लुभाने के लिए बना रहे नई योजनाएं
त्योहारी मांग बढ़ाने के लिए ज्वेलर्स हल्के वजन के गहने, नए डिजाइन, एक्सचेंज ऑफर और विशेष खरीद योजनाओं पर जोर दे रहे हैं। पुराने सोने को बदलकर नए आभूषण खरीदने से ग्राहक को पूरी खरीदारी के लिए नई रकम खर्च नहीं करनी पड़ती। इससे महंगे सोने के दौर में भी कुछ मांग बनी रह सकती है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में भी बताया गया कि हल्के गहनों, पुराने सोने के एक्सचेंज और त्योहारों से जुड़ी खरीदारी से बाजार को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, ऊंचे दामों के कारण सोने की वास्तविक मात्रा में मांग सीमित रह सकती है।
निष्कर्ष
सोने की ऊंची कीमतों ने इस दशहरा गहनों की बिक्री पर दबाव बनाया है। ग्राहक खरीदारी पूरी तरह बंद करने के बजाय अपने बजट के हिसाब से हल्के और कम कैरेट वाले विकल्प चुन रहे हैं। अब धनतेरस और दिवाली ज्वेलरी कारोबार के लिए अहम रहेंगे। त्योहारों में मांग बढ़ती है या नहीं, यह काफी हद तक सोने के भाव और ग्राहकों की खरीद क्षमता पर निर्भर करेगा।



