टर्म इंश्योरेंस चुनते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान

टर्म इंश्योरेंस का मुख्य उद्देश्य पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना है। इसमें आमतौर पर कम प्रीमियम के बदले एक निश्चित अवधि के लिए बड़ा लाइफ कवर लिया जाता है। इसलिए पॉलिसी चुनते समय अपनी जरूरत और परिवार की वित्तीय जिम्मेदारियों को ध्यान में रखना चाहिए।
पहली बात है सही इंश्योरेंस कवर का चुनाव। कवर इतना होना चाहिए कि पॉलिसीधारक की अनुपस्थिति में परिवार के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई, कर्ज और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय जरूरतों को संभालने में मदद मिल सके। अपनी आय और मौजूदा देनदारियों के आधार पर कवर तय करना बेहतर होता है।
दूसरी बात पॉलिसी की अवधि है। टर्म इंश्योरेंस कितने वर्षों के लिए लेना है, यह उम्र, परिवार की जिम्मेदारियों और रिटायरमेंट प्लान को ध्यान में रखकर तय किया जाना चाहिए। बहुत कम अवधि की पॉलिसी लेने से बाद के वर्षों में पर्याप्त सुरक्षा नहीं रह सकती।
तीसरी बात प्रीमियम है। ऐसी पॉलिसी चुनें जिसका प्रीमियम आपकी आय और बजट के भीतर हो और जिसे लंबे समय तक नियमित रूप से भरना आसान रहे। सिर्फ सबसे कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी खरीदने के बजाय उसके फीचर्स, शर्तों और कवरेज की तुलना भी करें।
चौथी बात स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जानकारी है। पॉलिसी लेते समय अपनी बीमारी, मेडिकल हिस्ट्री, धूम्रपान या अन्य संबंधित जानकारी छिपानी नहीं चाहिए। गलत या अधूरी जानकारी भविष्य में क्लेम के समय परेशानी का कारण बन सकती है।
पांचवीं बात बीमा कंपनी की विश्वसनीयता है। पॉलिसी खरीदने से पहले कंपनी के क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड, वित्तीय स्थिति और ग्राहक शिकायतों से जुड़ी जानकारी देखना उपयोगी है। केवल विज्ञापन या एजेंट की बात पर निर्भर रहने के बजाय पॉलिसी की शर्तों को खुद समझना चाहिए।
टर्म प्लान में मिलने वाले अतिरिक्त राइडर्स को भी समझना जरूरी है। कुछ पॉलिसियों में गंभीर बीमारी या अन्य परिस्थितियों से जुड़े अतिरिक्त लाभ उपलब्ध हो सकते हैं। हालांकि हर राइडर की जरूरत हर व्यक्ति को नहीं होती, इसलिए अतिरिक्त प्रीमियम और मिलने वाले लाभ की तुलना करनी चाहिए।
पॉलिसी खरीदने से पहले इसके सभी नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें। IRDAI की उपभोक्ता गाइडलाइंस भी सलाह देती हैं कि प्रस्ताव फॉर्म खुद भरें, बिना समझे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें और पॉलिसी मिलने के बाद उसके नियमों की अच्छी तरह समीक्षा करें।
इसके अलावा पॉलिसी की फ्री-लुक अवधि और नामांकन यानी नॉमिनी से जुड़े नियमों को भी समझना चाहिए। IRDAI के मौजूदा मास्टर सर्कुलर के अनुसार जीवन बीमा उत्पादों में पॉलिसीधारक को पॉलिसी दस्तावेज मिलने के बाद निर्धारित शर्तों के तहत 30 दिन की फ्री-लुक अवधि उपलब्ध होती है।
आखिर में, सही टर्म इंश्योरेंस वही है जो आपकी आय, परिवार की जरूरत, कर्ज और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप पर्याप्त सुरक्षा दे। किसी एक कंपनी या प्लान को सिर्फ कम प्रीमियम के आधार पर चुनने के बजाय अलग-अलग पॉलिसियों की शर्तों और कवरेज की तुलना करके फैसला करना बेहतर है।



