देश का सबसे अमीर गांव माधापर, बैंकों में जमा हैं ₹8000 करोड़ से ज्यादा

माधापर में बैंकों की संख्या भी इसकी आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। अलग-अलग रिपोर्टों में यहां 17 से 19 बैंक शाखाओं का उल्लेख मिलता है। जमा राशि को लेकर भी आंकड़े अलग-अलग रिपोर्टों में सामने आए हैं—कुछ हालिया रिपोर्टों में ₹8,000 करोड़ से अधिक, जबकि अन्य में करीब ₹7,000 करोड़ की बैंक जमा का उल्लेख है। इसलिए इसे एक रिपोर्टेड आंकड़े के रूप में देखना उचित है।
गांव की समृद्धि में NRI समुदाय की अहम भूमिका बताई जाती है। विदेशों में रहने वाले माधापर के परिवारों के सदस्य ब्रिटेन, अमेरिका, अफ्रीका और खाड़ी देशों सहित कई क्षेत्रों में कारोबार और रोजगार से जुड़े हैं। विदेशों से भेजी गई रकम का एक हिस्सा स्थानीय बैंक खातों में जमा होने के साथ गांव के विकास और परिवारों की जरूरतों में भी इस्तेमाल होता है।
माधापर में आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक यहां हजारों पक्के मकान, स्कूल, कॉलेज, स्वास्थ्य सुविधाएं, पार्क, झील और अन्य सामुदायिक सुविधाएं मौजूद हैं। खेती भी गांव की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
माधापर के NRI समुदाय और गांव के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। 1968 में लंदन में माधापर विलेज एसोसिएशन की स्थापना का भी उल्लेख मिलता है, जिसका उद्देश्य विदेशों में रहने वाले ग्रामीणों को अपनी जड़ों और गांव के विकास से जोड़े रखना था।



