धर्म-आस्था
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साधना और सेवा का महापर्व: सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास का दुर्लभ संयोग
सनातन परंपरा में सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास दोनों का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है।…
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क्या मृत्यु के बाद ही मिलता है मोक्ष? जानिए जीते जी मुक्ति पाने का आध्यात्मिक रहस्य
सनातन दर्शन में मोक्ष को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति और आत्मा के परम सत्य से एकाकार होने की अवस्था माना गया है। आम धारणा यह है कि मोक्ष केवल…
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भगवान शिव के क्रोध से हुई वीरभद्र और भद्राकाली की उत्पत्ति, जानिए पूरी पौराणिक कथा
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, वीरभद्र और भद्राकाली का प्राकट्य भगवान शिव के प्रचंड क्रोध से हुआ था। यह कथा राजा दक्ष के यज्ञ, माता सती के आत्मसम्मान और भगवान…
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राजा दशरथ और शनिदेव की अद्भुत कथा, जब प्रजा की रक्षा के लिए रोक दिया शनि का रथ
सनातन परंपरा में Raja Dasharatha और Shani Dev से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा सुनाई जाती है। मान्यता है कि एक समय शनिदेव की विशेष ग्रह स्थिति के कारण पृथ्वी पर…
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शुक्र गोचर 2026: चंद्रमा की राशि में प्रवेश करेंगे शुक्रदेव, इन राशियों की चमकेगी किस्मत
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम, वैभव, विलासिता, कला और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। जब शुक्र किसी नई राशि में प्रवेश करते हैं तो उसका…
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शनि त्रयोदशी 2026: शिवजी और शनिदेव की कृपा पाने का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और उपाय
हिंदू पंचांग के अनुसार शनि त्रयोदशी तब पड़ती है जब त्रयोदशी तिथि शनिवार के दिन आती है। यह संयोग भगवान शिव और Shani Dev दोनों की उपासना के लिए अत्यंत…
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अधिक मास 2026: भांजा-भांजी की सेवा क्यों मानी जाती है विशेष? जानिए धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में अधिक मास, जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और सेवा के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस…
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गर्मियों में पक्षियों को दाना-पानी देते समय न करें ये गलतियां, जानें सही तरीका
गर्मी के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पक्षियों पर भी पड़ता है। ऐसे में घर की छत, बालकनी, आंगन या…
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रावण की मृत्यु के बाद मंदोदरी ने विभीषण से क्यों किया विवाह? जानिए क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं
Mandodari और Vibhishan के विवाह का प्रसंग रामायण की कुछ परंपराओं, लोककथाओं और बाद के ग्रंथों में वर्णित मिलता है। हालांकि यह उल्लेख Valmiki Ramayana के सभी संस्करणों में स्पष्ट…
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चित्रगुप्त रखते हैं कर्मों का लेखा-जोखा, जानिए यमराज, श्रवण और श्रवणी दूत की क्या होती है भूमिका
हिंदू धार्मिक ग्रंथों और लोकमान्यताओं के अनुसार, मनुष्य के प्रत्येक कर्म का लेखा-जोखा रखने की जिम्मेदारी भगवान चित्रगुप्त की मानी जाती है। माना जाता है कि वे व्यक्ति के अच्छे…
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