Jhalla Wallah: श्रेया घोषाल का देसी कल्ट सॉन्ग

फिल्म ‘इश्कजादे’ 2012 में रिलीज हुई थी। इसके कई गाने लोकप्रिय हुए, लेकिन ‘झल्ला वल्लाह’ ने अपने अलग अंदाज के कारण खास पहचान बनाई। रिलीज के वर्षों बाद भी यह गाना डांस और पार्टी प्लेलिस्ट में सुनाई देता है।
श्रेया घोषाल की आवाज ने बनाया खास
‘झल्ला वल्लाह’ को श्रेया घोषाल ने गाया है। उनकी आवाज में इस गाने का चुलबुलापन और नाटकीय अंदाज उभरकर आता है। यह उनकी रोमांटिक और सॉफ्ट धुनों वाली पहचान से अलग एक ऊर्जावान प्रस्तुति थी।
गौहर खान पर फिल्माया गया था गाना
इस गाने में गौहर खान नजर आई थीं। उनके डांस और एक्सप्रेशंस ने गाने की प्रस्तुति को आकर्षक बनाया। फिल्म में अर्जुन कपूर और परिणीति चोपड़ा मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि गौहर खान की विशेष मौजूदगी ने इस गाने को अलग पहचान दी।
अमित त्रिवेदी ने लोकशैली को दिया आधुनिक रंग
गाने का संगीत अमित त्रिवेदी ने तैयार किया था। इसकी धुन में उत्तर भारत की लोक-संगीत परंपराओं से प्रेरित रंग के साथ आधुनिक बीट्स का मेल सुनाई देता है। यही मिश्रण इसे पारंपरिक और समकालीन संगीत के बीच एक दिलचस्प कड़ी बनाता है।
कौसर मुनीर के बोलों में दिखा देसी अंदाज
गाने के बोल कौसर मुनीर ने लिखे। इसमें रोजमर्रा की भाषा, मजेदार उपमाओं और देसी मुहावरों का इस्तेमाल किया गया है। इसकी शब्दावली और प्रस्तुति में उत्तर प्रदेश-बिहार के सांस्कृतिक रंग की झलक महसूस होती है।
नौटंकी और मुजरा शैली से मिली प्रेरणा
उत्तर भारत की नौटंकी लोकनाट्य परंपरा में संगीत, नृत्य और नाटकीय प्रस्तुति का अहम स्थान है। ‘झल्ला वल्लाह’ में इसी तरह के देसी रंग से प्रेरित अंदाज को आधुनिक फिल्मी संगीत के साथ पेश किया गया, जिससे गाने की अपनी अलग पहचान बनी।
‘इश्कजादे’ के संगीत की अलग पहचान
‘इश्कजादे’ के संगीत में रोमांटिक धुनों के साथ लोकशैली और ऊर्जावान ट्रैक्स का भी मिश्रण था। ‘झल्ला वल्लाह’ इसी विविधता का उदाहरण है। गाने की धुन, बोल और स्क्रीन पर इसकी प्रस्तुति ने इसे फिल्म के चर्चित गीतों में शामिल किया।



