OSCAR 2026 Nominations: भारत को फिर निराशा, ऑस्कर की दौड़ से बाहर हुई ‘होमबाउंड’

ऑस्कर 2026 के नामांकन की घोषणा के साथ ही एक बार फिर भारतीय सिनेमा प्रेमियों को निराशा हाथ लगी है। काफी उम्मीदों के साथ ऑस्कर की दौड़ में शामिल मानी जा रही फिल्म ‘होमबाउंड’ आखिरकार नामांकन सूची में जगह बनाने में असफल रही। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया और भारतीय दर्शकों के बीच मायूसी साफ नजर आई। माना जा रहा था कि इस बार भारत की ओर से ‘होमबाउंड’ अंतरराष्ट्रीय मंच पर दमदार उपस्थिति दर्ज करा सकती है, लेकिन ऑस्कर की अंतिम रेस में पहुंचने से पहले ही यह फिल्म बाहर हो गई।
‘होमबाउंड’ को देश-विदेश के कई फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना मिली थी। फिल्म की कहानी, निर्देशन और अभिनय को लेकर समीक्षकों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी थीं। यही वजह थी कि ऑस्कर 2026 को लेकर भारत को एक बार फिर उम्मीद जगी थी कि शायद इस बार भारतीय सिनेमा इतिहास रच सके। हालांकि, अकादमी के सदस्यों के वोटिंग पैटर्न और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के चलते यह सपना अधूरा रह गया।
ऑस्कर नामांकन की दौड़ बेहद कठिन मानी जाती है, जहां दुनिया भर से सैकड़ों बेहतरीन फिल्में शामिल होती हैं। हर साल केवल कुछ चुनिंदा फिल्मों को ही अंतिम सूची में जगह मिल पाती है। ऐसे में ‘होमबाउंड’ का बाहर होना यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कितनी कड़ी है। इसके बावजूद फिल्म से जुड़े लोगों और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने इसे असफलता के रूप में नहीं, बल्कि एक सीख और अनुभव के तौर पर देखा है।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने निराशा जताने के साथ-साथ फिल्म की टीम की तारीफ भी की। लोगों का कहना है कि भले ही ‘होमबाउंड’ ऑस्कर तक नहीं पहुंच पाई, लेकिन इसने भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान को मजबूत किया है। वहीं, फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत की ओर से और भी मजबूत कंटेंट सामने आएगा, जो ऑस्कर जैसे मंच पर देश का नाम रोशन कर सकता है।
कुल मिलाकर, ऑस्कर 2026 की रेस से ‘होमबाउंड’ का बाहर होना भारत के लिए एक और झटका जरूर है, लेकिन उम्मीद अब भी बरकरार है। भारतीय सिनेमा लगातार नए प्रयोग कर रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। शायद अगली बार भारत का सपना जरूर पूरा हो।



