उत्तर प्रदेशलखनऊ

हुसैनाबाद ट्रस्ट के कर्मचारियों को मिला नवरात्र का तोहफा, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के 215 कर्मियों का बढ़ा मूल वेतन

लखनऊ: हुसैनाबाद ट्रस्ट में कार्यरत कर्मचारियों को नवरात्र पर बड़ा तोहफा मिला है. ट्रस्ट में न्यूनतम वेतन व्यवस्था को लागू किए जाने के बाद तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के 215 कर्मचारियों का मूल वेतन बढ़ाया गया है. वहीं, शनिवार को जिलाधिकारी ने हुसैनाबाद ट्रस्ट के कार्मिकों को वेतन वृद्धि का प्रमाणपत्र दिया. इसके बाद जिलाधिकारी ने बताया कि हुसैनाबाद ट्रस्ट एक बहुत ही ऐतिहासिक ट्रस्ट है. इसके माध्यम से लखनऊ की बहुत सारी ऐतिहासिक इमारते जहां पर पर्यटक आते हैं का रखरखाव व अन्य व्यवस्थाएं देखी जाती है.

उन्होंने बताया कि अतिमहत्वपूर्ण धरोहर के लिए कार्य करने वाले कार्मिकों / कार्यालय हुसैनाबाद एवं सम्बद्ध ट्रस्ट, लखनऊ में कार्यरत विभिन्न पदों पर कार्यरत कुल 215 कार्मिकों की न्यूनतम वेतन व्यवस्था के आधार पर वेतन वृद्धि की गई है. जिलाधिकारी ने बताया कि इन कार्मिकों की वेतन वृद्धि के संदर्भ में सहायक श्रमायुक्त, अपर श्रमायुक्त एवं मुख्य कोषाधिकारी के अभिमत के आधार पर वेतन वृद्धि स्वीकार की गई है.

वहीं, जिलाधिकारी ने हुसैनाबाद ट्रस्ट के कार्मिकों को वेतन वृद्धि का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया. इनमें मुख्य रूप से ट्रस्ट के अंतर्गत कार्यालयाध्क्ष, सहायक कार्यालयाध्यक्ष, लेखाकार, कैशियर, लिपिक, हेड सिपाही, सिपाही, मुआजिन पेशनमांज, कुरआन खान, सोच खान, मुकब्बिर, हाजी सकान जल्लाद, इलेक्ट्रिशियन पम्प, ऑपरेटर, माली, स्वीपर आदि कुल 215 कर्मियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा.

इस प्रकार मूल वेतन में प्रति माह कुल 4 लाख 75 हजार रुपये की वृद्धि की गई है. वहीं, मंहगाई भत्ते में भी मूल वेतन के सापेक्ष लगभग 2 लाख 13 हजार रुपए की वृद्धि भी जोड़ी गई है. इस प्रकार वेतन के मद में ट्रस्ट पर लगभग 7 लाख रुपये का अतिरिक्त प्रतिमाह वित्तीय भार पडे़गा. सभी कार्मिकों को कुल मिलाकर 19 लाख 46 हजार रुपए का प्रतिमाह भुगतान किया जाएगा.

जिलाधिकारी ने बताया कि इसके साथ-साथ ट्रस्ट के कार्मिकों के कल्याण के लिए इंश्योरेंस की भी योजना बनाई जा रही है. जल्द ही ट्रस्ट के कार्मिकों को इंश्योरेंस व्यवस्था का भी लाभ दिया जाएगा, जिसमें कार्मिकों को अपनी तरफ से कोई भी राशि नहीं देनी होगी. सारा व्यय ट्रस्ट वहन करेगा. साथ ही साथ ट्रस्ट के कार्मिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्कालरशिप योजना को भी लागू करने पर विचार विमर्श किया गया है. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ट्रस्ट की आय को बढ़ाने की दिशा में कार्य करें. ट्रस्ट की समस्त सम्पत्तियों आवासीय/कमर्शियल को अलग-अलग रजिस्टरों में दर्ज करें. इस अवसर पर एडीएम टीजी/सचिव हिमांशु गुप्ता, एसीएम किंशुक श्रीवास्तव, मौलाना कल्बे जव्वाद समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे.

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