
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में केंद्र और राज्य के कई शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठक का उद्देश्य कश्मीर घाटी में हाल ही में बढ़ी आतंकी घटनाओं, सीमा पार घुसपैठ, और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना है।
जानकारी के अनुसार, इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, रॉ और आईबी के अधिकारी, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस के शीर्ष अधिकारी भी विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस समीक्षा बैठक में हाल के महीनों में राजौरी, पुंछ और अनंतनाग में हुई आतंकी घटनाओं का विश्लेषण किया जाएगा। इसके साथ ही सीमा पार से घुसपैठ के नए तरीकों और ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई के बढ़ते खतरे पर भी चर्चा होगी। अमित शाह घाटी में शांति बनाए रखने के लिए इंटेलिजेंस नेटवर्क को और मजबूत करने के निर्देश दे सकते हैं।
इसके अलावा, गृह मंत्री स्थानीय स्तर पर आतंकियों के समर्थन नेटवर्क को खत्म करने और युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए चल रहे सरकारी अभियानों की भी समीक्षा करेंगे। सरकार का जोर इस बात पर है कि कश्मीर में विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देकर आतंकवाद की जड़ को कमजोर किया जाए।
सूत्रों का कहना है कि बैठक में अमित शाह सुरक्षा एजेंसियों से अगले छह महीनों की रणनीति रिपोर्ट भी मांग सकते हैं, जिसमें सर्दियों के दौरान संभावित घुसपैठ और आतंकी गतिविधियों को रोकने के उपाय शामिल होंगे।
केंद्र सरकार का लक्ष्य जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति स्थापित करना है, ताकि आने वाले समय में विधानसभा चुनावों की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके। आज की यह बैठक इस दिशा में एक अहम कड़ी मानी जा रही है।



