
बांग्लादेश में 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। इस बीच, जमात-ए-इस्लामी ने अपने पुराने तेवर बदलते हुए नया चुनावी घोषणापत्र पेश किया है। इसमें पार्टी ने खास तौर पर भारत के साथ अच्छे और सहयोगात्मक संबंध बनाए रखने का वादा किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जमात-ए-इस्लामी का यह कदम आगामी चुनावों में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर सकारात्मक छवि बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पहले पार्टी अक्सर भारत के प्रति कटु रुख अपनाती रही है, लेकिन अब उसने रिश्तों को सुधारने की बात कही है।
चुनावी घोषणापत्र में स्थानीय मुद्दों के अलावा व्यापार, आर्थिक सहयोग और सीमा सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। पार्टी का कहना है कि भारत के साथ बेहतर संबंध बनाने से बांग्लादेश के विकास और स्थिरता में मदद मिलेगी।
विश्लेषकों का अनुमान है कि यह रणनीति मतदाताओं पर असर डाल सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भारत-बांग्लादेश सहयोग से लाभ देखा जा सकता है। आगामी चुनाव में पार्टी की यह नई नीति चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है।



