योगी सरकार का बड़ा फैसला: उत्तर प्रदेश के 200 शहर होंगे ‘सेफ सिटी’

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। राज्य के 200 छोटे और मझोले शहरों को ‘सेफ सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, भरोसेमंद और सशक्त वातावरण मिल सके। यह योजना केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें तकनीक, बुनियादी ढांचे, सामाजिक जागरूकता और त्वरित सहायता तंत्र को भी शामिल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएं बिना किसी डर के घर से बाहर निकलें, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों में खुलकर भाग लें।
सेफ सिटी परियोजना के तहत शहरों में सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, स्कूल-कॉलेज और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही महिला हेल्प डेस्क, पिंक बूथ और 112 जैसी आपात सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। पुलिस की महिला विंग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित कर फील्ड में सक्रिय भूमिका दी जाएगी।
योगी सरकार की इस पहल में स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग, सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन, महिला फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। बसों और ऑटो में जीपीएस ट्रैकिंग, पैनिक बटन और महिला कंडक्टर/मार्शल की तैनाती से सफर को सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, साइबर क्राइम जागरूकता और कानूनी जानकारी से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि महिलाएं खुद को सशक्त महसूस कर सकें।
सरकार का मानना है कि सुरक्षा केवल पुलिसिंग से नहीं, बल्कि समाज की सहभागिता से भी सुनिश्चित होती है। इसलिए स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स का भी विस्तार किया जाएगा। कुल मिलाकर, 200 छोटे शहरों को सेफ सिटी बनाने की यह योजना उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास को नया आयाम देगी और राज्य को सुरक्षित व समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगी।



