
श्रीलंका में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब देश के एक प्रमुख विपक्षी नेता की उनके ही दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात कोलंबो के नजदीक स्थित उनके राजनीतिक कार्यालय में हुई, जहां वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। अचानक एक अज्ञात व्यक्ति ने ऑफिस में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे नेता की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी हथियार समेत फरार हो गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और हमलावर की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृत नेता विपक्षी पार्टी के एक सक्रिय और प्रभावशाली चेहरा थे, जो हाल के महीनों में सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे। इस हत्या को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना के बाद श्रीलंका के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने इसे लोकतंत्र पर गंभीर हमला बताया है और जांच के आदेश दिए हैं। वहीं विपक्षी दलों ने सरकार पर सुरक्षा चूक का आरोप लगाया है और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
पुलिस ने घटनास्थल से कई खाली कारतूस बरामद किए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हमलावर ने पहले से ही ऑफिस का मुआयना किया था और पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद श्रीलंका की राजधानी और आस-पास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
इस राजनीतिक हत्या ने श्रीलंका की अस्थिर होती स्थिति को और जटिल बना दिया है। देश पहले से ही आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है, ऐसे में यह वारदात जनता के बीच भय और असंतोष को और बढ़ा सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस घटना की निंदा की है और पारदर्शी जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि श्रीलंका सरकार इस हत्याकांड के दोषियों को कब तक पकड़ पाती है और क्या देश की राजनीति फिर से स्थिरता की ओर बढ़ पाएगी।



