
Budget 2026 ने आम आदमी, मध्यम वर्ग और उद्योग जगत तीनों के लिए राहत भरी घोषणाएं की हैं। इस बजट में सरकार ने सिर्फ दवाओं को ही सस्ता नहीं किया, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले कई अहम सामानों पर टैक्स और ड्यूटी में कटौती की है। खास तौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कई जीवनरक्षक दवाओं, मेडिकल उपकरणों और कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिससे इलाज का खर्च कम होने की उम्मीद है। इसके अलावा मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और उनसे जुड़े कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क में राहत दी गई है, जिससे आने वाले समय में स्मार्टफोन, चार्जर, बैटरी और अन्य गैजेट्स सस्ते हो सकते हैं।
Budget 2026 में सरकार ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ महंगाई को काबू में रखने पर भी फोकस किया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े कुछ कच्चे माल, पैकेजिंग सामग्री और मशीनरी पर टैक्स कम किया गया है, जिससे खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं, कपड़ा उद्योग को राहत देते हुए कुछ फाइबर, यार्न और फैब्रिक पर ड्यूटी घटाई गई है, जिससे कपड़े और रेडीमेड गारमेंट्स सस्ते होने की संभावना है। इससे खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।
बजट में ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी राहत दी गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी बैटरी, लिथियम-आयन सेल और अन्य कंपोनेंट्स पर टैक्स में कटौती की गई है, जिससे इलेक्ट्रिक गाड़ियां और उनसे जुड़े उपकरण सस्ते हो सकते हैं। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सोलर पैनल, इन्वर्टर और ग्रीन एनर्जी से जुड़े कुछ उपकरणों पर भी शुल्क घटाया गया है। इसका सीधा असर बिजली बिल और पर्यावरण दोनों पर पड़ेगा।
कुल मिलाकर Budget 2026 में सरकार ने महंगाई से राहत देने और उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ाने की कोशिश की है। दवाओं के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, खाद्य उत्पाद, ऑटोमोबाइल और ग्रीन एनर्जी से जुड़े कई सामानों के सस्ते होने की उम्मीद है। अगर इन फैसलों का फायदा बाजार तक सही तरीके से पहुंचा, तो आने वाले महीनों में आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत मिल सकती है।



