
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की नगरी उज्जैन से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी तक आस्था का अद्भुत सैलाब देखने को मिल रहा है। आधी रात से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। बाबा महाकाल का इस बार विशेष श्रृंगार किया गया, जिसमें उन्हें 11 फुट लंबा आकर्षक सेहरा पहनाया गया। फूलों, चांदी और पारंपरिक आभूषणों से सजे इस दिव्य रूप के दर्शन के लिए भक्त घंटों इंतजार करते रहे। मंदिर प्रशासन के मुताबिक कतार करीब पांच किलोमीटर तक पहुंच गई, फिर भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कई श्रद्धालु दूर-दराज राज्यों से सिर्फ इस दिन महाकाल और काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं। महाशिवरात्रि पर होने वाली भस्म आरती और विशेष पूजन को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, यही विश्वास लाखों भक्तों को इन पवित्र धामों तक खींच लाता है।



