प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय का निरीक्षण: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ली उच्चस्तरीय बैठक

उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने दिनांक 10 जनवरी 2026 को प्रयागराज स्थित विधि विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, अधोसंरचना विकास तथा विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षाओं, पुस्तकालय, शोध केंद्रों, छात्रावासों और अन्य शैक्षणिक संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि विधि शिक्षा लोकतंत्र की रीढ़ है और कानून के जानकार ही समाज में न्याय, समानता और सुशासन को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विधि विश्वविद्यालयों में पढ़ाई केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जोड़ा जाए। इसके लिए पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग और शोध कार्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता, शोध गतिविधियों, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के प्लेसमेंट से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि योग्य फैकल्टी की नियुक्ति समय पर की जाए, शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा छात्रों को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएं। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज की ऐतिहासिक और शैक्षणिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर ज्ञान, न्याय और संस्कृति का केंद्र रहा है। ऐसे में यहां स्थित विधि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी, ई-कोर्ट अध्ययन, मूट कोर्ट सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण और बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि निर्धारित लक्ष्यों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रयागराज का विधि विश्वविद्यालय आने वाले समय में देश के अग्रणी विधि शिक्षण संस्थानों में शामिल होगा। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों से समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और उज्ज्वल भविष्य मिल सके।



