योजनाओं का बजट खर्च न होने पर सीएम योगी सख्त, लापरवाह अफसरों को लगाई कड़ी फटकार

उत्तर प्रदेश में विकास योजनाओं को तेज़ी से धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोशिशों के बावजूद कई विभागों के अफसर लापरवाही बरतते नजर आए। योजनाओं के लिए आवंटित बजट समय पर खर्च न होने और काम की रफ्तार बेहद धीमी रहने पर सीएम योगी ने कड़ी नाराजगी जताई। एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के पैसे का सही उपयोग न होना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अफसरों को चेताया कि योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचे।
सीएम योगी ने अफसरों से योजनावार प्रगति रिपोर्ट मांगी और जहां बजट खर्च कम पाया गया, वहां सीधे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनकल्याण के लिए धन की कोई कमी नहीं छोड़ी है, फिर भी यदि काम आगे नहीं बढ़ रहा तो इसकी जिम्मेदारी तय होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी दो टूक कहा कि आरामतलबी और ढिलाई की संस्कृति अब खत्म करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य तय कर कार्य पूरा करने, नियमित मॉनिटरिंग करने और फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति समझने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह संकेत भी दिए कि भविष्य में प्रदर्शन के आधार पर ही जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। जिन अफसरों का रिकॉर्ड कमजोर रहेगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। सीएम योगी ने दोहराया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन ही सरकार की विश्वसनीयता को मजबूत करता है और जनता का भरोसा बनाए रखता है। मुख्यमंत्री की इस सख्ती के बाद माना जा रहा है कि प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज होगी और विकास कार्यों की रफ्तार आने वाले दिनों में बढ़ेगी।



