CM योगी बोले—‘नया गोरखपुर’ विकास और समृद्धि का केंद्र, उत्तर प्रदेश में गढ़ रहा प्रगति के नए मानक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘नए उत्तर प्रदेश’ का ‘नया गोरखपुर’ आज चहुंओर विकास, समृद्धि और लोक-कल्याण के नए मानक गढ़ रहा है। यह परिवर्तन केवल कागज़ी नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाला ऐसा बदलाव है, जिसने गोरखपुर को पूर्वी उत्तर प्रदेश का उभरता हुआ विकास केंद्र बना दिया है। सीएम योगी ने दावा किया कि पिछले सात वर्षों में जिस तरह से गोरखपुर में आधारभूत ढांचा, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा, उद्योग और कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है, उसने जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है।
उन्होंने कहा कि कभी बीमारी और अव्यवस्था से पहचाने जाने वाला गोरखपुर आज एम्स, फर्टिलाइज़र फैक्ट्री, AIIMS मेडिकल कॉलेज, अत्याधुनिक सड़कें और उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों की वजह से नए युग में प्रवेश कर चुका है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे, चौड़ी सड़कें, रामगढ़ताल का सौंदर्यीकरण, एयरपोर्ट विस्तार और नई औद्योगिक इकाइयों ने यहां रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा किए हैं।
सीएम योगी के अनुसार, प्रशासनिक पारदर्शिता और त्वरित कार्य प्रणाली ने गोरखपुर के विकास को और गति दी है। शहर में स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था, स्मार्ट लाइटिंग और शहरी सुधार योजनाओं ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है। गांवों को सड़क, पानी, आवास और डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने के कार्य में तेजी ने ग्रामीण विकास को भी नई दिशा दी है।
लोक-कल्याणकारी योजनाओं की बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर पात्र परिवार तक सरकार की 100% योजनाएँ पहुँच रही हैं—चाहे वह उज्ज्वला गैस कनेक्शन हो, आयुष्मान कार्ड, किसान सम्मान निधि, मुफ्त राशन योजना या फिर महिला सुरक्षा और रोजगार से जुड़े कार्यक्रम। इस मॉडल ने गोरखपुर को उत्तर प्रदेश के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले जिलों में शामिल कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले समय में गोरखपुर को पर्यटन, उद्योग और शिक्षा का बड़ा हब बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह बदलाव केवल सरकार की विकास योजनाओं का परिणाम नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और सहयोग से संभव हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोरखपुर आने वाले वर्षों में ‘नए उत्तर प्रदेश’ की पहचान बनेगा और विकास के सभी आयामों में देश के सामने एक मिसाल पेश करेगा।



