राष्ट्रपति के सामने CM योगी का बड़ा बयान: आतंकवाद के वैश्विक फैलाव पर कड़ा प्रहार

राष्ट्रपति की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान दुनिया में बढ़ रहे आतंकवाद और उपद्रव के सवाल पर बेहद सशक्त और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंसा, कट्टरवाद और दहशत फैलाने वाली ताकतें मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा खतरा बन चुकी हैं। योगी ने कहा कि भारत ने वर्षों से आतंकवाद का सामना किया है और इस अनुभव ने हमें यह समझ दी है कि आतंकवाद किसी एक देश, धर्म या समाज का मुद्दा नहीं बल्कि पूरी मानव सभ्यता के लिए चुनौती है। उनके अनुसार, आतंकवाद के पीछे अक्सर ऐसी वैश्विक शक्तियाँ होती हैं जो राजनीतिक लाभ, अस्थिरता और नियंत्रण की मंशा से संघर्षों को भड़काने का काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में जब तकनीक का विस्तार तेजी से हुआ है, तब इन ताकतों ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर युवाओं को भटकाने की कोशिशें और तेज कर दी हैं। योगी ने कहा कि भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में न सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है बल्कि वैश्विक मंचों पर भी लगातार यह मुद्दा उठाया है कि आतंकवाद को किसी भी प्रकार की सहानुभूति, सहायता या समर्थन देने वालों के खिलाफ भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय सख्त कदम उठाए।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति की मौजूदगी ने इस संदेश को और अधिक मजबूत बनाया। CM योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य ने भी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और आज परिणाम सबके सामने हैं। लगातार सुधारों, पुलिस आधुनिकीकरण, कानून-व्यवस्था की सख्ती और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति ने राज्य को नए स्तर पर स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि अगर दुनिया को शांति और विकास चाहिए तो वैश्विक समुदाय को एकजुट होकर आतंकवाद को न केवल जड़ से खत्म करना होगा बल्कि उन विचारधाराओं और आर्थिक स्रोतों को भी पहचानना होगा जो इसे पोषित करते हैं। CM योगी ने यह भी कहा कि भारत विश्व-शांति का मार्गदर्शक देश है और हमारी सभ्यता सदियों से ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के सिद्धांत को मानती आई है। इसलिए भारत आतंकवाद के विरुद्ध सिर्फ सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता की रक्षा के लिए लड़ रहा है।



