लखनऊ में सीएम योगी का संदेश: ‘महाकाल का आसन, न किसी का शासन’, समय के महत्व पर जोर

लखनऊ में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित लोगों को प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “ये महाकाल का आसन है, इस पर न किसी का शासन।” सीएम ने इस बयान के माध्यम से समय और कर्म के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता और पहचान केवल उन्हीं को मिलती है जो समय के अनुसार अपने कार्यों को संचालित करते हैं।
सीएम योगी ने युवाओं और अधिकारियों को समय की महत्ता को समझने और उसे सही दिशा में उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर व्यक्ति समय से पीछे रह गया, तो उसकी पहचान और प्रभाव समाज में कम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ चलना ही प्रगति और विकास की कुंजी है।
कार्यक्रम में सीएम ने यह भी बताया कि जीवन में अनुशासन, समर्पण और सतत प्रयास से ही स्थायी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और जनता को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए समय का सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में महाकाल के आसन को प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया, जो शक्ति, संतुलन और निर्णय क्षमता का प्रतीक है। उनका कहना था कि जैसे महाकाल का आसन किसी के स्वामित्व में नहीं है, वैसे ही जीवन में भी केवल कर्म और समय का सही मेल ही स्थायी सफलता दिला सकता है।
इस संदेश के जरिए सीएम ने सभी को चेताया कि यदि हम समय की अहमियत को नहीं समझेंगे और अपने कर्तव्यों को सही समय पर नहीं निभाएंगे, तो समाज और देश में हमारी पहचान बनाना कठिन हो जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समय के महत्व को समझें और अपने कार्यों में लगन और निष्ठा बनाए रखें।



