संविधान दिवस 2025: अमित शाह, राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ का देशवासियों को संदेश

26 नवंबर को पूरे देश में संविधान दिवस बड़े सम्मान और गर्व के साथ मनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देशवासियों को संबोधित करते हुए भारतीय संविधान की महत्ता और उसके मूल्यों को फिर से याद दिलाया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि संविधान दिवस हमें न सिर्फ संविधान की रचना में अहम भूमिका निभाने वाले महान विभूतियों—डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और संविधान सभा के अन्य सदस्यों—को याद करने का अवसर देता है, बल्कि यह हमें उन कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है जो राष्ट्रनिर्माण के लिए हर नागरिक के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया है, जो समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा कि संविधान भारत की आत्मा है, जिसने हमें आगे बढ़ने, समाज को जोड़ने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि वह प्रकाशस्तंभ है जो भारत की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे संविधान में निहित आदर्शों—विशेषकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक न्याय और कर्तव्यनिष्ठा—को अपने जीवन में उतारें ताकि राष्ट्र और अधिक सशक्त बन सके।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संविधान दुनिया के सबसे प्रगतिशील संविधानों में से एक है, जो विविधता में एकता के हमारे राष्ट्रीय चरित्र को मजबूत करता है। उन्होंने संविधान को ‘‘भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं का आधार’’ बताते हुए कहा कि आंबेडकर की दूरदर्शिता और संविधान सभा की कड़ी मेहनत ने हमें वह नींव दी, जिस पर आज का भारत खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें और देश के विकास में सक्रिय योगदान दें।
तीनों नेताओं ने एक स्वर में कहा कि संविधान का पालन, सम्मान और संरक्षण प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है। संविधान दिवस का उद्देश्य भी यही है कि हम अपनी लोकतांत्रिक विरासत को मजबूत करें और भारत को एक विकसित, समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बनाने का संकल्प लें।



