लखनऊ में डॉक्टर लेड-AI पावर्ड रिपोर्ट लॉन्च, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले- इलाज में मददगार पर डॉक्टरी सलाह अहम

लखनऊ अब स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। यहां अब मरीजों को ‘डॉक्टर लेड-AI पावर्ड रिपोर्ट’ उपलब्ध कराई जाएगी। इस नई पहल की जानकारी डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने दी। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक अब मेडिकल सेक्टर में अहम भूमिका निभा रही है। यह मरीजों की जांच और रिपोर्ट तैयार करने में तेजी और सटीकता लाने का काम करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि AI केवल एक सहयोगी तकनीक है, इलाज और अंतिम निर्णय हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही होगा।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज स्वास्थ्य क्षेत्र में समय की बड़ी भूमिका है। कई बार मरीजों को रिपोर्ट आने में देरी होती है, जिससे इलाज प्रभावित होता है। ऐसे में AI-पावर्ड रिपोर्टिंग से परिणाम तेजी से उपलब्ध होंगे और मरीज तुरंत उपचार की ओर बढ़ सकेंगे। यह तकनीक न केवल जांच की सटीकता बढ़ाएगी बल्कि डॉक्टरों को भी निर्णय लेने में बेहतर सहायता करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी का उद्देश्य डॉक्टरों का स्थान लेना नहीं है, बल्कि उनकी क्षमता को और मजबूत बनाना है।
लखनऊ में शुरू हुई यह पहल उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित होगी। पहले जहां मरीजों को कई बार गलत रिपोर्ट या देरी से मिलने वाली रिपोर्ट की वजह से दिक्कत होती थी, वहीं अब AI के जरिए अधिक विश्वसनीय और तुरंत उपलब्ध रिपोर्ट मिल सकेगी। खासकर गंभीर बीमारियों जैसे हृदय रोग, कैंसर, डायबिटीज और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं की जांच में यह तकनीक बेहद मददगार होगी।
ब्रजेश पाठक ने जोर देकर कहा कि मरीजों को डॉक्टर की सलाह को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे तकनीक कितनी भी आधुनिक क्यों न हो, इलाज का आधार हमेशा चिकित्सक की विशेषज्ञता और अनुभव ही रहेगा। AI सिर्फ रिपोर्ट को समझने और पैटर्न पहचानने का काम करेगा, जबकि अंतिम निदान और दवा डॉक्टर ही तय करेंगे।
इस पहल से लखनऊ ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी। आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के जिला अस्पतालों और बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में भी AI आधारित रिपोर्टिंग सिस्टम को लागू किया जाए। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी मरीजों को आधुनिक और सटीक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
लखनऊ में शुरू हुआ यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति का प्रतीक है। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार चिकित्सा सेवाओं में टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। AI और डॉक्टर की संयुक्त ताकत से मरीजों को और अधिक भरोसेमंद, त्वरित और सटीक इलाज मिलेगा।



