
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाक रिश्तों से जुड़े एक बड़े दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अपने हालिया बयान में ट्रंप ने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम स्थापित कराने में उनकी अहम भूमिका थी, और उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी दी थी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वे भारत पर 350% तक टैरिफ लगा देंगे। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर उनके कार्यकाल से जुड़े विवादित प्रसंगों को चर्चा में ला दिया है।
ट्रंप ने यह टिप्पणी एक इंटरव्यू के दौरान करते हुए बताया कि उनके दबाव के बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच उस समय तनाव कम हुआ था। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़ती सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए उन्होंने सख्त आर्थिक कदम उठाने की धमकी दी थी। हालांकि, उनका यह दावा न तो भारत और न ही पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक तौर पर पुष्टि हुआ है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के वर्षों में भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंध और भी मजबूत हुए हैं। ऐसे में उनके इस दावे ने विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह बयान राजनीतिक प्रचार का हिस्सा है या उनके कार्यकाल की किसी वास्तविक कूटनीतिक घटना का खुलासा। अक्सर देखा गया है कि ट्रंप कई बार ऐसे दावे करते रहे हैं जो विवाद पैदा करते हैं, चाहे वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े मुद्दे हों या सैन्य रणनीतियों से संबंधित।
भारत-पाकिस्तान संबंध पारंपरिक रूप से संवेदनशील रहे हैं। सीमा पर तनाव, आतंकवाद और कश्मीर मुद्दा हमेशा से दोनों देशों की विदेश नीति का प्रमुख हिस्सा रहा है। ऐसे में किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप, विशेषकर अमेरिका जैसे शक्तिशाली राष्ट्र का, हमेशा चर्चा का विषय बन जाता है। ट्रंप के इस बयान ने उन बहसों को फिर हवा दे दी है कि क्या वाकई अमेरिका इस क्षेत्र की शांति प्रक्रिया में उतना हस्तक्षेप करता है जितने दावे किए जाते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप अपनी ‘डीलमेकर’ इमेज को मजबूत करने के लिए अक्सर ऐसे बयान देते हैं। वहीं, भारत के विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ जैसी धमकियों से भारत की विदेश नीति पर कोई असर नहीं पड़ता, क्योंकि भारत हमेशा अपनी संप्रभुता और स्वायत्त निर्णय लेने के सिद्धांत पर चलता है।
कुल मिलाकर, ट्रंप का यह नया दावा फिर से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा करता दिख रहा है और इसे लेकर बहस तेज़ होना तय है।



