
मोदी सरकार ने नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएँ और सुविधाएँ बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने के लिए पूरे देश में पासपोर्ट केंद्रों (Passport Seva Kendras) की संख्या बढ़ाने का बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में ईएएम (External Affairs Ministry) ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों के समय और मेहनत की बचत करना और पासपोर्ट से जुड़े कार्यों को सरल बनाना है।
भारत में पहले कुछ ही बड़े शहरों में पासपोर्ट केंद्र मौजूद थे, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लोग पासपोर्ट बनवाने या नवीनीकरण कराने के लिए लंबी यात्रा करने पर मजबूर थे। मोदी सरकार ने इस समस्या को समझते हुए राज्यवार और जिला स्तर पर नए केंद्र स्थापित किए हैं। इससे न केवल केंद्रों तक पहुँच आसान हुई है, बल्कि अपॉइंटमेंट प्रक्रिया भी तेजी से हो रही है।
ईएएम की जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में देश में 80 से अधिक नए पासपोर्ट केंद्र खोले गए हैं। इनमें छोटे शहर और कस्बों के पास भी केंद्र शामिल हैं, ताकि नागरिकों को अपने घर से अधिक दूर नहीं जाना पड़े। इसके अलावा, डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाकर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, दस्तावेज़ अपलोड और पासपोर्ट ट्रैकिंग जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को लंबी लाइनों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं रहती और प्रक्रिया काफी आसान हो गई है।
सरकार की यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विदेश यात्रा करने वाले पेशेवरों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। विदेशों में पढ़ाई, रोजगार या पर्यटन के लिए जाने वाले लोगों को अब पासपोर्ट प्राप्त करना पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और तेज़ हो गया है। साथ ही, विदेशी नागरिकों के लिए भी अब भारत में पासपोर्ट संबंधित सेवाएँ सुगम हुई हैं।
मोदी सरकार ने इस योजना को लागू करते समय पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। केंद्रों में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था रखी गई है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना न्यूनतम हो। सरकार का यह कदम डिजिटल इंडिया और सुविधा जनक भारत के दृष्टिकोण से भी जुड़ा हुआ है।
कुल मिलाकर, मोदी सरकार द्वारा देशभर में पासपोर्ट केंद्रों की संख्या बढ़ाना नागरिकों के लिए एक बड़ा राहत कदम है। ईएएम की जानकारी ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में और भी अधिक केंद्र खोले जाएंगे, जिससे हर नागरिक को पासपोर्ट सेवाएँ आसान, तेज़ और विश्वसनीय तरीके से मिल सकेंगी। यह योजना भारत के वैश्विक संपर्क को भी मजबूत करेगी और लोगों को विदेश जाने के अवसरों में सुविधा प्रदान करेगी।



