अहमदाबाद में हाल ही में हुए एक प्लेन हादसे के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विमान सुरक्षा को लेकर चिंता तेज़ हो गई है। अमेरिका की संघीय विमानन प्राधिकरण (FAA) ने बोइंग 787-9 और 787-10 विमान मॉडलों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच खासतौर पर RAT (Ram Air Turbine) सिस्टम पर केंद्रित होगी, जिसे विमान के आपातकालीन ऊर्जा स्रोत के रूप में उपयोग किया जाता है।
क्या है मामला?
कुछ दिन पहले अहमदाबाद हवाई अड्डे पर एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान को तकनीकी समस्या के कारण आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विमान के RAT सिस्टम ने अपेक्षित तरीके से कार्य नहीं किया, जिससे हाइड्रॉलिक और इलेक्ट्रिकल सिस्टम प्रभावित हुआ। यद्यपि किसी भी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन यह घटना एक बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी।
इस घटना के बाद FAA ने बोइंग को निर्देश दिया है कि वह 787-9 और 787-10 मॉडल के उन सभी विमानों की तत्काल जांच करे, जिनमें यह तकनीक लगी हुई है। FAA ने कहा कि, “यह सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर विषय है, और RAT सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।”
RAT सिस्टम क्या है?
RAT (Ram Air Turbine) एक छोटा पंखे जैसा उपकरण होता है जो विमान के नीचे से बाहर निकलता है और हवा की गति से घूर्णन कर बिजली उत्पन्न करता है। यह तब सक्रिय होता है जब विमान के मुख्य इंजन या जनरेटर फेल हो जाते हैं। यानी यह एक आखिरी आपातकालीन ऊर्जा स्रोत होता है जिससे उड़ान को सुरक्षित रूप से लैंड किया जा सकता है।
अगर RAT सही समय पर काम न करे, तो विमान के लिए नेविगेशन, कंट्रोल और संचार प्रणाली पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
बोइंग और FAA की प्रतिक्रिया
बोइंग ने FAA के आदेश के बाद बयान जारी कर कहा है कि वह सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और वह जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा। कंपनी ने यह भी कहा है कि वह पहले ही अपनी आंतरिक जांच शुरू कर चुकी है और जरूरत पड़ी तो तकनीकी सुधार भी किए जाएंगे।
FAA ने एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि वे अगले 30 दिनों के भीतर RAT सिस्टम के निरीक्षण और टेस्टिंग रिपोर्ट जमा करें। इसके साथ ही उन्होंने इंजीनियरों और पायलटों को भी अलर्ट रहने की सलाह दी है।
वैश्विक प्रभाव
इस घटनाक्रम के बाद दुनियाभर की एविएशन कंपनियों, विशेष रूप से उन एयरलाइनों को जो बोइंग 787-9 और 787-10 का उपयोग करती हैं, को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। भारत, यूरोप, जापान और खाड़ी देशों की कई एयरलाइनों ने पहले ही अपने विमानों की आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
निष्कर्ष:
अहमदाबाद की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि हाई-टेक विमानों में भी तकनीकी खामियां घातक हो सकती हैं, अगर उन पर समय रहते ध्यान न दिया जाए। FAA का यह कदम एक सावधानीपूर्ण चेतावनी है कि विमानन सुरक्षा में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अब निगाहें बोइंग की जांच रिपोर्ट और संभावित तकनीकी सुधारों पर टिकी हैं।



