
उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप एक बार फिर तेज हो गया है। घने कोहरे ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार सुबह दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी यूपी, पूर्वी यूपी और हरियाणा के कई हिस्सों में दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। कई हाईवे और एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण वाहन आपस में टकरा गए, जिससे यातायात बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया। खासतौर पर दिल्ली-लखनऊ, यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह के समय दृश्यता कुछ जगहों पर 20 से 30 मीटर तक सिमट गई, जिससे बसों, ट्रकों और निजी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और बेहद सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं, ट्रेन और फ्लाइट सेवाओं पर भी कोहरे का असर देखने को मिला। कई ट्रेनों के समय में देरी हुई, जबकि कुछ उड़ानों को भी रद्द या डायवर्ट करना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते उत्तर भारत में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली और यूपी में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई है। आने वाले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है।
उधर, पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी ने हालात और कठिन बना दिए हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फ गिरने से सड़क संपर्क बाधित हो गया है। कई प्रमुख मार्ग बंद कर दिए गए हैं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल के मनाली, शिमला और लाहौल-स्पीति क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते तापमान शून्य से नीचे चला गया है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और पहलगाम जैसे इलाकों में भी बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है।
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे और बर्फबारी के इस दौर में वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तेज गति से बचें, ताकि हादसों से बचा जा सके।



