संस्थापक-सप्ताह समारोह-2025: गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी के साथ महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद का शुभारंभ

महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद, गोरखपुर द्वारा आयोजित ‘संस्थापक-सप्ताह समारोह-2025’ का उद्घाटन इस वर्ष अत्यंत गरिमामय एवं ऐतिहासिक महत्व का अवसर रहा। परिषद की समृद्ध शैक्षिक परंपरा और समाज के समग्र विकास के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए इस बार समारोह का आयाम और भी अधिक व्यापक रखा गया। उद्घाटन समारोह में प्रदेश के लोकप्रिय एवं कर्मठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम के उत्साह और प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया। समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्वलन और संस्थापक सदस्यों की स्मृति में श्रद्धासुमन अर्पित करके किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद ने दशकों से पूर्वांचल में शिक्षा की ज्योति प्रज्वलित करने का जो महान कार्य किया है, वह अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। उन्होंने परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों और महाविद्यालयों की शैक्षणिक उपलब्धियों, तकनीकी नवाचारों और सांस्कृतिक उत्थान में निभाई जा रही अग्रणी भूमिका की सराहना की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज के युग में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह चरित्र-निर्माण, राष्ट्र-निर्माण और सामाजिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम में परिषद के विभिन्न संस्थानों के छात्रों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें भारत की सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय धरोहर और आधुनिक नवाचारों का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में परिषद के शिक्षकों, पूर्व छात्रों और विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और संस्थापक सदस्यों के आदर्शों को आगे बढ़ाने के संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर शिक्षा, खेल, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों व शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिससे समारोह का महत्व और भी बढ़ गया।
उद्घाटन समारोह का संपूर्ण वातावरण उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव से ओत-प्रोत रहा। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के ‘संस्थापक-सप्ताह समारोह-2025’ ने न केवल शिक्षा के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि की, बल्कि यह संदेश भी दिया कि यदि शिक्षा की गुणवत्ता और नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखा जाए, तो समाज और राष्ट्र दोनों नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार, यह समारोह परिषद की गौरवशाली परंपराओं का सार्थक उत्सव और उज्ज्वल भविष्य की प्रेरक शुरुआत सिद्ध हुआ।



