
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में पाकिस्तान को लेकर एक तीखा बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान सीधे युद्ध के मैदान में भारत को कभी हरा नहीं सकता। इसी असफलता और हताशा के चलते वह आतंकवादी हमलों के जरिए भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। फडणवीस ने पहलगाम पर हुए हमले और दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र करते हुए स्पष्ट कहा कि पाकिस्तानी समर्थित आतंकवादी संगठन हमेशा छिपकर वार करते हैं, क्योंकि वे भारत की सैन्य शक्ति और क्षमता से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि जब भी पाकिस्तान को कश्मीर, सीमा क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक हार मिलती है, तब वह बदले की भावना से ऐसे हमलों को अंजाम देता है।
फडणवीस ने अपने संबोधन में 26/11 के मुंबई हमलों को भी याद किया और चर्चा की कि यदि उस हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसा मजबूत सैन्य अभियान शुरू किया होता, तो पाकिस्तान की हिम्मत आज इतनी नहीं होती कि वह बार-बार भारतीय क्षेत्रों पर हमला करने का प्रयास करे। उनके अनुसार, उस समय की परिस्थितियों और नेतृत्व द्वारा लिए गए फैसले अधूरे रह गए, जिससे पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों के हौसले बढ़े। उनका कहना था कि निर्णायक कार्रवाई न होने के कारण आतंकवादी नेटवर्क को यह संदेश गया कि भारत अपने भीतर होने वाले हमलों पर कठोर प्रतिकार नहीं करेगा, और इसी मानसिकता का परिणाम पहलगाम तथा दिल्ली जैसे हमलों के रूप में सामने आता रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि आज की स्थिति अलग है, क्योंकि अब देश में ऐसी सरकार है जो आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है। पुलवामा हमले के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर जाकर आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए। फडणवीस के अनुसार, इसी कड़े रुख के कारण आज आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वाले संगठनों में डर का माहौल बना है, और पाकिस्तान पर भी अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है।
फडणवीस का यह बयान राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उनका तर्क है कि भारत की सैन्य क्षमता और वैश्विक प्रभाव को देखते हुए पाकिस्तान सीधे युद्ध करने की हिम्मत कभी नहीं दिखा सकता। इसलिए वह आतंकवाद के सहारे भारत को अस्थिर करने का प्रयास करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारत हर हमले का जवाब कठोर सैन्य और कूटनीतिक कार्रवाई से दे, तो पाकिस्तान और उसके आतंकी संगठन भविष्य में ऐसी हरकतें करने से पहले सौ बार सोचेंगे।



