
कनाडा में हाल के आपराधिक मामलों को लेकर उठे सवालों के बीच भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। मार्क कार्नी के प्रस्तावित दिल्ली दौरे से पहले जारी बयान में कहा गया है कि कनाडा में होने वाली आपराधिक घटनाओं से भारत का कोई लेना-देना नहीं है और इस तरह के आरोप निराधार तथा राजनीतिक प्रेरित हैं। भारत सरकार के सूत्रों ने दोहराया कि नई दिल्ली हमेशा कानून के शासन और संप्रभुता के सम्मान की पक्षधर रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में कनाडा और भारत के संबंधों में कुछ तनाव देखने को मिला था, विशेषकर खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े आरोपों को लेकर। हालांकि भारत ने लगातार कहा है कि वह किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता और आपसी सहयोग, खुफिया साझेदारी तथा कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही विवादों का समाधान चाहता है। विश्लेषकों का मानना है कि PM कार्नी की दिल्ली यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को रीसेट करने का अवसर साबित हो सकती है, जहां व्यापार, शिक्षा, निवेश और इंडो-पैसिफिक सहयोग जैसे मुद्दों पर सकारात्मक एजेंडा आगे बढ़ाया जा सकता है। भारत की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि यदि कनाडा ठोस सबूत साझा करता है तो किसी भी वैध जांच में सहयोग से परहेज नहीं होगा, लेकिन सार्वजनिक मंचों से लगाए गए आरोप द्विपक्षीय भरोसे को कमजोर करते हैं। ऐसे में यह बयान कूटनीतिक संतुलन साधने और आने वाली उच्चस्तरीय वार्ता के लिए माहौल तैयार करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।



