
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “SIR का विरोध करने वालों को जनता 2027 में ऐसा सबक सिखाएगी जिसे वे जीवनभर याद रखेंगे।” मौर्य का यह बयान राजनीतिक हलकों में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार विकास कार्यों और जनहित योजनाओं को जमीन पर उतारने में जुटी है। उनके अनुसार, विरोध सिर्फ विरोध के लिए किया जा रहा है, न कि किसी वैचारिक या जनहित के मुद्दे पर।
केशव मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किए हैं, जिससे आम जनता का जीवन आसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष इन विकास कार्यों से घबराया हुआ है, इसलिए तरह-तरह के भ्रामक बयान देकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। लेकिन जनता सब जानती है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब मतदान के माध्यम से देगी।
अपने बयान में मौर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार जनता के विश्वास और सहयोग से ही आगे बढ़ रही है और किसी भी आलोचना से विचलित होने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि SIR योजना/निर्णय (जिस पर विरोध हो रहा है) पूरी तरह से जनहित में है और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सबके सामने होंगे। विपक्ष सिर्फ राजनीति के लिए इसका विरोध कर रहा है, जबकि जनता विकास और स्थिरता चाहती है।
केशव मौर्य ने यह भी कहा कि 2027 का चुनाव विपक्ष की नकारात्मक राजनीति और सरकार की सकारात्मक नीतियों के बीच होगा। जनता ने बीते वर्षों में देखा है कि कौन काम करता है और कौन सिर्फ बयानबाजी करता है। इसलिए चुनाव में जनता सही और गलत का फैसला स्पष्ट रूप से करेगी। उनके अनुसार, विपक्ष को यह समझ लेना चाहिए कि जनता अब जागरूक है और हर मुद्दे को गहराई से समझती है।
विपक्ष पर वार करते हुए मौर्य ने यह दावा भी किया कि बीजेपी की सरकार 2027 में भारी बहुमत के साथ फिर से सत्ता में लौटेगी, क्योंकि लोगों का भरोसा विकास, स्थिरता और सुशासन पर है। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले चाहे जितना शोर मचाएं, जनता हमेशा सच्चाई और विकास के साथ खड़ी होती है और अगले चुनाव में इसका प्रमाण फिर दिखेगा।



