
बांग्लादेश की राजनीति में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Muhammad Yunus के नेतृत्व में बनी नई सरकार ने अनुभवी और कद्दावर नेता खलीलुर रहमान को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और विदेश मंत्रालय की कमान सौंपकर स्पष्ट संकेत दिया है कि सरकार विदेश नीति और सुरक्षा मामलों को लेकर गंभीर है। खलीलुर रहमान लंबे समय से कूटनीतिक और प्रशासनिक मामलों में सक्रिय रहे हैं और उन्हें एक मजबूत रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहरी समझ है, जिसने उन्हें इस अहम जिम्मेदारी तक पहुंचाया है। बांग्लादेश जैसे संवेदनशील भौगोलिक स्थिति वाले देश के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति बेहद महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। भारत, चीन, अमेरिका और पड़ोसी दक्षिण एशियाई देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना किसी भी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में खलीलुर रहमान की नियुक्ति को रणनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला सरकार की स्थिरता और वैश्विक मंच पर बांग्लादेश की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। नई जिम्मेदारी संभालते ही रहमान ने संकेत दिए हैं कि वे क्षेत्रीय शांति, आर्थिक सहयोग और सुरक्षा साझेदारी को प्राथमिकता देंगे। उनके नेतृत्व में बांग्लादेश की विदेश नीति अधिक सक्रिय और संतुलित हो सकती है। युनूस सरकार की यह नियुक्ति आने वाले समय में देश की आंतरिक सुरक्षा, कूटनीतिक संबंधों और अंतरराष्ट्रीय छवि पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।



