माघ पूर्णिमा 2026: प्रयागराज संगम तट पर श्रद्धालुओं की आस्था, पावन स्नान का अद्भुत दृश्य

माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम तट पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से आए भक्तों ने ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ लाखों श्रद्धालु ठंड के बावजूद आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। “हर-हर गंगे” और “जय संगम” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए थे। संगम तट पर अतिरिक्त पुलिस बल, जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहीं। स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे।
माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र व दक्षिणा प्रदान की। कई संत-महात्माओं ने संगम तट पर प्रवचन दिए और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। कल्पवासियों के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि माघ मेले का यह प्रमुख स्नान पर्व माना जाता है।
प्रयागराज में माघ पूर्णिमा के चलते श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को विशेष रूप से संचालित किया गया। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।



