
नेपाल की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। अंतरिम सरकार के गठन से पहले ही सत्ता के समीकरणों में बड़ा पेंच फंस गया है। इस बीच सबसे चौंकाने वाली प्रतिक्रिया नेपाल की नई पीढ़ी यानी Gen-Z युवाओं से सामने आई है। सोशल मीडिया और स्टूडेंट ग्रुप्स में हो रही चर्चाओं के अनुसार, नेपाल के युवा ऐसे प्रधानमंत्री की तलाश में हैं जो नरेंद्र मोदी की तरह मजबूत, निर्णायक और विजनरी लीडरशिप रखता हो।
युवाओं का मानना है कि नेपाल को अभी ऐसे नेतृत्व की सबसे ज्यादा ज़रूरत है, जो भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता से देश को बाहर निकाल सके। नेपाल की राजनीति लंबे समय से दलगत हितों, गठबंधनों और आपसी खींचतान में उलझी हुई है। यही कारण है कि जनता और खासकर युवा वर्ग बार-बार निराश हुआ है।
नरेंद्र मोदी का नाम इस संदर्भ में इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि पिछले एक दशक में भारत ने उनके नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर अपनी छवि को मजबूत किया है। विकास परियोजनाओं, विदेश नीति, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप्स और युवाओं को अवसर देने की योजनाओं ने भारत की तस्वीर बदलने का काम किया है। नेपाल के युवा चाहते हैं कि उनके देश में भी कोई ऐसा नेता आए जो केवल राजनीति नहीं बल्कि राष्ट्र-निर्माण पर ध्यान दे।
नेपाल के युवाओं का यह रुझान बताता है कि अब वहां की नई पीढ़ी पारंपरिक राजनीति से हटकर परफॉर्मेंस और परिणाम चाहती है। Gen-Z युवाओं का मानना है कि केवल नारों या गठबंधन की राजनीति से देश आगे नहीं बढ़ सकता। उन्हें ऐसे प्रधानमंत्री की तलाश है जो साफ-सुथरी छवि, सख्त निर्णय लेने की क्षमता और भविष्य की स्पष्ट दृष्टि रखता हो।
हालांकि, नेपाल में अंतरिम सरकार के गठन को लेकर कई दलों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। सत्ता संतुलन और पदों के बंटवारे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यही वजह है कि राजनीतिक गतिरोध बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति से परेशान युवा अब साफ संदेश दे रहे हैं कि वे राजनीतिक स्थिरता, विकास और पारदर्शिता चाहते हैं।
नेपाल में इस सोच का असर आने वाले चुनावों पर भी दिख सकता है। अगर युवा वोट बैंक एकजुट होकर किसी नए चेहरे या विकल्प को चुनता है, तो नेपाल की राजनीति की दिशा बदल सकती है।
संक्षेप में, नेपाल के Gen-Z युवाओं की यह मांग सिर्फ एक नाम का प्रतीक नहीं है बल्कि उनकी सोच का संकेत है। वे यह बता रहे हैं कि उन्हें एक ऐसा नेतृत्व चाहिए जो देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाए, आर्थिक विकास को गति दे और युवाओं के सपनों को साकार करे। यही कारण है कि आज नेपाल की गलियों और सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि नेपाल को अब “नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री” चाहिए।



