


बिहार ने पर्यावरण सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में एक नई मिसाल कायम की है। राज्य के तीन जिलों में प्लास्टिक कचरे का उपयोग कर कुल 10.5 किलोमीटर लंबी सड़कें तैयार की गई हैं, जिससे न केवल सड़क निर्माण को मजबूती मिली है बल्कि प्लास्टिक प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
इस पहल के तहत एकत्र किए गए उपयोग में न आने वाले प्लास्टिक कचरे को तकनीकी प्रक्रिया के माध्यम से सड़क निर्माण सामग्री में बदला गया। विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक से बनी ये सड़कें पारंपरिक सड़कों की तुलना में अधिक टिकाऊ और मौसम प्रतिरोधी होती हैं। सरकार का कहना है कि इस मॉडल को भविष्य में अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा दिया जा सके। यह पहल न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए पर्यावरण-अनुकूल विकास का उदाहरण बनकर उभरी है।