
दिल्ली ब्लास्ट केस में एक बार फिर बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोपी डॉ. शाहीन ने पूछताछ के दौरान ऐसा राज उगला है जिसने जांच एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। जानकारी मिली है कि डॉ. शाहीन न सिर्फ ब्लास्ट की साजिश में शामिल था, बल्कि जेल के अंदर बैठे-बैठे भी षड्यंत्र रच रहा था। यह बात सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियों ने उस नेटवर्क की नई परतें खंगालनी शुरू कर दी हैं, जिनसे डॉ. शाहीन के संबंध होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि शाहीन के संपर्क में कुछ ऐसे नाम भी आए हैं जो अब तक जांच के दायरे से बाहर थे, लेकिन इस स्वीकारोक्ति के बाद उन्हें भी संदिग्धों की सूची में शामिल कर लिया गया है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि शाहीन से पूछताछ में जिस नए नाम का खुलासा हुआ है, वह जांच को एक नई दिशा दे सकता है। फिलहाल उस व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि वह पिछले कई महीनों से शाहीन के संपर्क में था और दिल्ली में ब्लास्ट की योजना में उसकी भूमिका भी संदिग्ध है। सूत्रों की मानें तो शाहीन ने जेल से ही संदेशों और कोडवर्ड्स के माध्यम से अपने साथियों से लगातार संपर्क बनाए रखा था। उसके मोबाइल और डिजिटल डाटा की जांच में कई ऐसे चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले हैं जिनसे यह साबित होता है कि वह साजिश को आगे बढ़ाने की कोशिश में था।
जांच एजेंसियों ने जेल प्रशासन से भी इस मामले में जवाब मांगा है कि आखिर एक आरोपी जेल के भीतर बैठकर बाहरी दुनिया से कैसे जुड़ा रहा। क्या इसमें जेल के अंदर किसी की मदद शामिल थी या यह तकनीकी खामी थी, इसकी जांच अब तेज हो गई है। उधर, शाहीन के बयान के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली और आसपास के राज्यों में कई जगह छापेमारी की है। खबर है कि कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
दिल्ली ब्लास्ट केस पहले ही देशभर में चिंता का विषय बना हुआ है, ऐसे में Shahin के नए खुलासे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब हर छोटी-बड़ी कड़ी को जोड़कर इस आतंकी साजिश की पूरी सच्चाई सामने लाने में जुटी हैं। जांच में मिले नए नाम और नए सुराग आने वाले समय में इस केस का बड़ा मोड़ साबित हो सकते हैं।



