UP SIR के तहत वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के नए नियम, Form-6 के साथ जरूरी दस्तावेज

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से UP SIR (Systematic Improvement of Rolls) के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब तक जहां कई आवेदक केवल Form-6 भरकर आवेदन कर देते थे, वहीं नए नियमों के अनुसार Form-6 के साथ आवश्यक कागजात संलग्न करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव का मकसद फर्जी नामांकन पर रोक लगाना और वास्तविक मतदाताओं को समय पर मताधिकार दिलाना है।
नए नियमों के तहत वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए पहचान, पते और जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेजों की मांग की जा रही है। आवेदक को अपनी पहचान के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड जैसे वैध दस्तावेज देने होंगे। वहीं, निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड, बिजली या पानी का बिल, बैंक पासबुक या किरायानामा जैसे कागजात स्वीकार किए जा सकते हैं। इसके अलावा उम्र प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल का प्रमाण पत्र या पासपोर्ट भी लगाया जा सकता है।
चुनाव आयोग का मानना है कि इन दस्तावेजों के अनिवार्य होने से मतदाता सूची अधिक सटीक होगी और डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों की समस्या कम होगी। खासतौर पर युवाओं और पहली बार वोटर बनने वालों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करते समय सभी जरूरी कागजात पहले से तैयार रखें, ताकि आवेदन निरस्त न हो।
आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं। नागरिक निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से Form-6 ऑनलाइन भर सकते हैं। वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए बीएलओ (Booth Level Officer) या नजदीकी निर्वाचन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। कागजातों की जांच के बाद ही नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा।
कुल मिलाकर, UP SIR के तहत लागू यह नया नियम मतदाता सूची को मजबूत और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अगर आप भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना चाहते हैं, तो समय रहते Form-6 के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करना सुनिश्चित करें, ताकि आपके मताधिकार में कोई बाधा न आए।



