
1 अप्रैल से देशभर में एटीएम से कैश निकालने के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पारंपरिक डेबिट कार्ड के बजाय QR कोड के जरिए भी नकद निकासी संभव होगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना और फ्रॉड के मामलों को कम करना है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और बैंकों की पहल पर इस सुविधा को धीरे-धीरे सभी एटीएम मशीनों में लागू किया जा रहा है।
QR कोड के माध्यम से कैश निकालने की प्रक्रिया बेहद आसान होगी। इसके लिए यूजर को एटीएम स्क्रीन पर QR कैश विकल्प चुनना होगा। इसके बाद मशीन पर एक QR कोड दिखाई देगा, जिसे मोबाइल बैंकिंग ऐप से स्कैन करना होगा। स्कैन करने के बाद राशि दर्ज करनी होगी और मोबाइल पर OTP या PIN से पुष्टि करनी होगी। जैसे ही ट्रांजैक्शन पूरा होगा, एटीएम से नकद राशि निकल जाएगी। इस प्रक्रिया में डेबिट कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे कार्ड क्लोनिंग और स्किमिंग जैसे जोखिम कम होंगे।
नई व्यवस्था के तहत निकासी की लिमिट भी तय की गई है। आमतौर पर QR कोड के जरिए एक बार में 5,000 से 10,000 रुपये तक निकालने की अनुमति दी जा सकती है, हालांकि यह लिमिट बैंक और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। कुछ बैंक इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये तक भी कर सकते हैं। दैनिक निकासी सीमा भी लागू रहेगी, ताकि सुरक्षा बनी रहे।
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ग्राहक बिना कार्ड के भी पैसे निकाल सकेंगे। इसके अलावा, अगर कार्ड खो जाए या खराब हो जाए, तब भी ग्राहक आसानी से कैश निकाल पाएंगे। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत यह कदम देश को कैशलेस और सुरक्षित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने में मदद करेगा।
हालांकि, ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल अधिकृत बैंकिंग ऐप का ही उपयोग करें और किसी भी अनजान QR कोड को स्कैन करने से बचें। इसके अलावा, अपने मोबाइल और बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखना भी बेहद जरूरी है।



