नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, जल्द शुरू होंगी उड़ानें

उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बड़ी सफलता मिली है। जेवर में बन रहे इस एयरपोर्ट को अब एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया है, जिससे यहां से उड़ानें शुरू होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इस लाइसेंस के मिलने के बाद एयरपोर्ट संचालन से जुड़ी कई अहम औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं और अब जल्द ही यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत होने की उम्मीद है। यह एयरपोर्ट न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिलने का मतलब है कि एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा और सुरक्षा मानक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की आवश्यकताओं के अनुरूप पाए गए हैं। इसके बाद एयरलाइंस कंपनियां यहां से उड़ान संचालन की तैयारियां तेज कर सकती हैं। माना जा रहा है कि शुरुआती चरण में देश के प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें शुरू होंगी, जिसके बाद धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। इसका निर्माण कई चरणों में किया जा रहा है और पहले चरण में ही करोड़ों यात्रियों को सेवा देने की क्षमता विकसित की जा रही है। एयरपोर्ट के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार लंबे समय से इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में लगी हुई थी। एयरपोर्ट के आसपास सड़क, मेट्रो और अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। माना जा रहा है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश और विकास की रफ्तार और तेज हो जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भविष्य में दिल्ली-एनसीआर के एविएशन ट्रैफिक को संभालने में अहम भूमिका निभाएगा। एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के साथ ही अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के संचालन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और जल्द ही यात्रियों को यहां से उड़ान भरने का मौका मिल सकता है।



