
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो देशों की राजकीय यात्रा के तहत अंगोला पहुंची हैं। यह यात्रा भारत और अफ्रीकी देशों के बीच सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। अंगोला पहुंचने पर राष्ट्रपति मुर्मू का भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान वे अंगोला के राष्ट्रपति जाओ लॉरेंको से मुलाकात करेंगी और कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
राष्ट्रपति मुर्मू की यात्रा का प्रमुख एजेंडा व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत अफ्रीका के उभरते देशों के साथ साझेदारी को नई ऊंचाई देना चाहता है, और अंगोला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण सहयोगी माना जा रहा है। विशेष रूप से, तेल और गैस क्षेत्र, खनिज संसाधन, कृषि तकनीक और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की योजना है।
इसके अलावा, राष्ट्रपति मुर्मू अंगोला में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगी और वहां स्थित भारतीय मिशन की गतिविधियों की समीक्षा करेंगी। यात्रा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा, जिसमें भारतीय और अंगोला की सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
भारत की विदेश नीति में अफ्रीकी देशों के साथ संबंधों को हमेशा प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक्ट ईस्ट और एंगेज अफ्रीका’ विज़न के तहत भारत अब अफ्रीका के देशों के साथ साझा विकास और वैश्विक दक्षिण की एकता को मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
इस यात्रा के अगले चरण में राष्ट्रपति मुर्मू दूसरे अफ्रीकी देश की ओर रवाना होंगी, जहां वे निवेश और शैक्षणिक सहयोग को लेकर भी वार्ता करेंगी। यह यात्रा न केवल भारत की वैश्विक कूटनीति को नई दिशा देगी बल्कि अफ्रीकी महाद्वीप में भारत की उपस्थिति को और सशक्त बनाएगी।



