
पंजाब के एक युवक की इटली में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर से उसके परिवार और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। विदेश में बेहतर भविष्य की तलाश में गया यह युवक अपने परिवार की उम्मीदों का सहारा था, लेकिन अचानक आई इस दुखद खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों के अनुसार युवक कुछ समय पहले रोज़गार के सिलसिले में इटली गया था और वहीं काम कर रहा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन हाल ही में उसकी तबीयत बिगड़ने और बाद में मौत की सूचना मिलने से परिवार टूट सा गया है। घर में माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पत्नी और बच्चों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहा है। परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण वे अपने स्तर पर शव को भारत वापस लाने में असमर्थ हैं। इसी वजह से उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से भावुक अपील की है कि उनके बेटे का शव सम्मानपूर्वक भारत लाने में मदद की जाए। परिवार का कहना है कि अंतिम संस्कार अपने गांव की मिट्टी में करने की उनकी अंतिम इच्छा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि विदेशों में काम करने वाले भारतीय युवाओं की सुरक्षा और आपात स्थितियों में सहायता के लिए सरकार को त्वरित कदम उठाने चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर उन चुनौतियों को उजागर किया है, जिनका सामना बेहतर जीवन की तलाश में विदेश जाने वाले युवाओं और उनके परिवारों को करना पड़ता है। परिजन सरकार से न सिर्फ शव वापसी, बल्कि युवक की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की भी मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। सभी की निगाहें अब केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय पर टिकी हैं कि वे कब तक इस दुखी परिवार को राहत पहुंचाते हैं और एक बेटे को उसकी मातृभूमि वापस लाने में सहायता करते हैं।



