सरदार पटेल बनाम नेहरू: CM योगी ने कश्मीर मुद्दे पर कांग्रेस की ऐतिहासिक भूलें गिनाईं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल को आधुनिक भारत का “शिल्पकार” बताते हुए उनके योगदान को देश के एकीकरण की नींव करार दिया। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज़ादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोने का श्रेय सरदार पटेल को जाता है, जिन्होंने सैकड़ों रियासतों का शांतिपूर्ण विलय कर भारत की अखंडता को मजबूती दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सरदार पटेल की नीतियों को पूरी तरह लागू किया गया होता, तो कई राष्ट्रीय समस्याएं जन्म ही नहीं लेतीं।
सीएम योगी ने कश्मीर मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि नेहरू के निर्णयों के कारण कश्मीर एक जटिल और विवादित मुद्दा बन गया। उनका कहना था कि कश्मीर को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मामला ले जाना और अस्थायी प्रावधानों को बढ़ावा देना देशहित में नहीं था। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि सरदार पटेल इस विषय पर अलग दृष्टिकोण रखते थे और वे राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि मानते थे।
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के दृढ़ नेतृत्व, प्रशासनिक क्षमता और राष्ट्रवादी सोच की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की परिकल्पना को व्यवहार में उतारा। उनके अनुसार, पटेल का निर्णय लेने का साहस और त्वरित कार्रवाई आज भी देश के लिए प्रेरणा है। सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार सरदार पटेल के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने यह भी जोड़ा कि इतिहास से सीख लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को वास्तविक इतिहास से परिचित कराना समय की मांग है, ताकि युवा पीढ़ी राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को सही संदर्भ में समझ सके। कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय एकता की दिशा में निर्णायक साबित हुआ है।
कुल मिलाकर, सीएम योगी का यह बयान एक बार फिर सरदार पटेल की विरासत को केंद्र में लाता है और आज़ादी के बाद लिए गए ऐतिहासिक फैसलों पर नई बहस को जन्म देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत नेतृत्व, स्पष्ट नीति और राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने से ही भारत अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकता है।



