सरदार उधम सिंह जयंती: अमर शहीद को सीएम योगी की विनम्र श्रद्धांजलि

माँ भारती के परम आराधक, महान क्रांतिकारी और अमर शहीद सरदार उधम सिंह की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका जीवन भारत की स्वतंत्रता संग्राम की उस ज्वलंत मशाल का प्रतीक है, जिसने अत्याचार, अन्याय और गुलामी के अंधकार को चीरकर राष्ट्रस्वाभिमान की लौ प्रज्ज्वलित की। जलियांवाला बाग नरसंहार ने उनके हृदय को भीतर तक झकझोर दिया था। निर्दोष भारतीयों पर हुए उस अमानवीय अत्याचार का प्रतिशोध लेने का संकल्प उन्होंने अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया। वर्षों तक धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प के साथ उन्होंने अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए और अंततः ब्रिटिश साम्राज्यवाद के प्रतीक माइकल ओ’डायर को दंडित कर इतिहास के पटल पर भारत की अस्मिता की अमिट छाप छोड़ी।
सरदार उधम सिंह की क्रांतिकारी चेतना केवल प्रतिशोध तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मगौरव की व्यापक भावना से ओत-प्रोत थी। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि जब राष्ट्र की गरिमा पर आघात होता है, तब एक जाग्रत नागरिक अपने प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटता। उनके त्याग ने विश्व को यह संदेश दिया कि भारतवासी अन्याय को सहन नहीं करते और सत्य, साहस व आत्मसम्मान के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा व्यक्त श्रद्धांजलि के भाव भी इसी राष्ट्रवादी चेतना को सशक्त करते हैं। सरदार उधम सिंह की राष्ट्रभक्ति, वीरता और मातृभूमि के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का दीप है। यह दीप हमें कर्तव्य, अनुशासन और देशहित को सर्वोपरि रखने का मार्ग दिखाता है। उनकी स्मृति हमें यह भी सिखाती है कि स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सतत जिम्मेदारी है—जिसे एकजुटता, साहस और नैतिक दृढ़ता से संरक्षित करना होता है।
आज उनकी जयंती पर यह संकल्प लेने का अवसर है कि हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें, राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा करें और भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त व सम्मानित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान दें। अमर शहीद सरदार उधम सिंह का नाम युगों-युगों तक भारतीय चेतना में जीवित रहेगा।



