
लेबनान में एक बार फिर दर्दनाक हादसा सामने आया है। देश के एक रिहायशी इलाके में जर्जर हालत में खड़ी बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन, सिविल डिफेंस और राहत दल मौके पर पहुंच गए और मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत काफी पुरानी थी और लंबे समय से उसकी हालत खराब बताई जा रही थी। आसपास रहने वाले लोगों ने कई बार मरम्मत की मांग भी उठाई थी, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए जा सके। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में घटनास्थल के आसपास डटे हुए हैं। एंबुलेंस की आवाजें और मलबा हटाने वाली मशीनों की गड़गड़ाहट माहौल को और भयावह बना रही हैं।
यह घटना इसलिए भी ज्यादा चिंताजनक है क्योंकि पिछले एक हफ्ते के भीतर इमारत गिरने का यह दूसरा मामला है। लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने निर्माण सुरक्षा और पुरानी इमारतों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन को पहले से चेतावनी दी गई थी, लेकिन खतरे को नजरअंदाज किया गया। कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि जर्जर इमारतों का सर्वे कराया जाए और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। फिलहाल राहत और बचाव दल थर्मल उपकरणों और स्निफर डॉग्स की मदद से जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आखिरी व्यक्ति को ढूंढ नहीं लिया जाता, अभियान जारी रहेगा। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे जख्म दिए हैं और पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।



