
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया भाषण ने न सिर्फ देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा पैदा की है। इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जाने-माने विचारक शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया के लिए एक “उभरता हुआ मॉडल” बन चुका है। थरूर ने माना कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जिस तरह भारत की प्रगति, लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक भूमिका को प्रस्तुत किया, वह प्रभावशाली है और इसका सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर पड़ेगा।
शशि थरूर, जो आमतौर पर सरकार की नीतियों पर रचनात्मक आलोचना करने के लिए जाने जाते हैं, इस बार भाषण के कुछ पहलुओं से प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि, डिजिटल क्रांति, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और वैश्विक मंच पर मजबूत उपस्थिति ऐसे तत्व हैं जिन्हें दुनिया आज सीखना चाहती है। थरूर के अनुसार, यदि भारत इसी दिशा में आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले वर्षों में यह विकासशील देशों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाएगा।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि कैसे भारत ने कठिन चुनौतियों — वैश्विक मंदी, महामारी, भू-राजनीतिक तनाव — के बावजूद लगातार प्रगति बनाए रखी। उन्होंने कहा कि भारत की जनशक्ति, तकनीकी क्षमता और लोकतांत्रिक ढांचा मिलकर एक ऐसी ताकत बनाते हैं जो दुनिया के लिए उदाहरण प्रस्तुत करती है। नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर समाधान देने वाला देश बन चुका है।
थरूर ने भाषण के इस हिस्से की विशेष रूप से सराहना की। उनका कहना है कि एक उभरती महाशक्ति के रूप में भारत को आत्मविश्वास के साथ अपनी उपलब्धियों को दुनिया के सामने रखना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वैश्विक कूटनीति, जलवायु परिवर्तन, तकनीकी नवाचार और वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को बुलंद करने में भारत की भूमिका अहम होती जा रही है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवसरों के साथ चुनौतियाँ भी मौजूद हैं, और इन्हें दूर करने के लिए सरकार को पारदर्शिता, समावेशिता और समान अवसरों की दिशा में और प्रयास करने होंगे। लेकिन कुल मिलाकर, थरूर का यह सकारात्मक रुख चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह दिखाता है कि राष्ट्रीय हितों और उपलब्धियों के मामले में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भी सराहना संभव है।



