
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशभर में चल रहे SIR (School Inspection Report) और शिक्षण स्तर सुधार अभियान के तहत शिक्षामित्रों को एक नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार द्वारा जारी ताज़ा आदेश के अनुसार अब शिक्षामित्र घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और छात्रों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ इकट्ठा करेंगे। यह कदम राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, ड्रॉपआउट दर कम करने और प्रत्येक बच्चे की सीखने की प्रगति का वास्तविक आकलन करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक, शिक्षामित्रों को अपने क्षेत्र के हर छात्र के घर तक पहुंचकर उनकी शैक्षणिक स्थिति, नियमितता, सीखने की क्षमता, पारिवारिक माहौल और उपलब्ध संसाधनों का डेटा तैयार करना होगा। यह सर्वे शासन स्तर पर एक बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसके माध्यम से वास्तविक स्थिति की पहचान कर स्कूलों में सुधार की ठोस रणनीति तैयार की जाएगी। सरकार का मानना है कि कई बार छात्र स्कूल नहीं आ पाते या पढ़ाई में पीछे रह जाते हैं, और इसका समय रहते पता नहीं चलता। यह सर्वे उन कारणों का पता लगाने में मदद करेगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षामित्रों की यह ज़िम्मेदारी केवल डेटा इकट्ठा करने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें अभिभावकों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है। उन्हें परिवारों को यह समझाना होगा कि नियमित रूप से स्कूल भेजना बच्चों के भविष्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, शिक्षामित्र स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प, नामांकन अभियान और सीखने के आकलन में भी सहयोग करेंगे।
इस फैसले का स्वागत कई शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने किया है। उनका मानना है कि शिक्षामित्र स्थानीय स्तर पर परिवारों और बच्चों को बेहतर समझते हैं, इसलिए वे जमीनी स्तर पर सबसे प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। वहीं, कुछ शिक्षामित्र संगठनों ने अतिरिक्त जिम्मेदारियों के साथ उचित मानदेय और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि सर्वे जैसे महत्वपूर्ण कार्य लगातार फील्ड विजिट और समय की मांग करते हैं, इसलिए इस कार्य के लिए अतिरिक्त सहयोग मिलना चाहिए।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि सर्वे के लिए आवश्यक फॉर्मेट, प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कदम से उम्मीद है कि यूपी में शिक्षा की वास्तविक समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए ठोस और प्रभावी नीतियाँ लागू की जा सकेंगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था और मजबूत बनेगी और हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सकेगी।



