यूपी में SIR प्रक्रिया तेज, 6 फरवरी तक दावे–आपत्तियां, सीईओ ने किया बूथ निरीक्षण

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने का कार्य तेज़ी से जारी है। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि SIR के अंतर्गत मतदाता सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां 6 फरवरी तक जमा की जा सकती हैं। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और अपात्र नामों को समय रहते हटाया जा सके। राज्य भर में बूथ स्तर पर बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को सक्रिय किया गया है, जो घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी भी दे रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने हाल ही में कई मतदान केंद्रों का जायजा लिया और वहां चल रही SIR प्रक्रिया की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने BLO, सुपरवाइजर और अन्य चुनाव कर्मियों से बातचीत कर जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझा। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे और शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी व समयबद्ध तरीके से किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि युवा मतदाताओं, महिला मतदाताओं और प्रवासी नागरिकों पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
निर्वाचन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी मतदाता प्रविष्टियों की जांच करें और यदि नाम, पता, आयु या अन्य विवरणों में कोई त्रुटि हो तो निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज कराएं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप और नजदीकी मतदान केंद्र पर उपलब्ध फॉर्म की सुविधा दी गई है। 6 फरवरी के बाद प्राप्त होने वाले दावों और आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए समय पर प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि SIR जैसी प्रक्रियाएं चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता को मजबूत करती हैं। इससे न केवल फर्जी या दोहरे नाम हटते हैं, बल्कि नए मतदाताओं को जोड़ने का अवसर भी मिलता है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह कार्य चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन प्रशासनिक तैयारी और तकनीकी सहायता के माध्यम से इसे प्रभावी बनाया जा रहा है। आने वाले चुनावों से पहले यह पहल निष्पक्ष, पारदर्शी और सशक्त लोकतंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



