23 जनवरी को यूपी के सभी शहरों में सायरन और ब्लैक आउट, प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन

उत्तर प्रदेश के सभी शहरों में 23 जनवरी को एक साथ तेज सायरन बजाया जाएगा और कुछ समय के लिए पूर्ण ब्लैक आउट किया जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा नागरिक सुरक्षा तैयारियों को परखने के उद्देश्य से लिया गया है। इस अभ्यास का मुख्य मकसद किसी भी आपातकालीन स्थिति, जैसे युद्ध, हवाई हमले या प्राकृतिक आपदा के समय जनता और प्रशासन की तत्परता को जांचना है। सायरन बजते ही लोगों को अपने घरों और कार्यस्थलों की लाइट बंद करनी होगी ताकि ब्लैक आउट की स्थिति का वास्तविक अभ्यास किया जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक मॉक ड्रिल है, इससे घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। ब्लैक आउट के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें। सायरन की आवाज सुनते ही खुले स्थानों में मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
इस अभ्यास के दौरान स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में पहले से सूचना दी जाएगी ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। बिजली विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि ब्लैक आउट के दौरान आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे राज्य में निगरानी रखेंगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाने में सहायक होती है। इससे लोगों को यह समझने का मौका मिलता है कि वास्तविक संकट की स्थिति में कैसे व्यवहार करना चाहिए। कई जिलों में पहले भी इस प्रकार के अभ्यास किए जा चुके हैं, लेकिन इस बार इसे पूरे प्रदेश स्तर पर लागू किया जा रहा है।
प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह अभ्यास प्रदेश की सुरक्षा और तैयारियों को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि जनता अनुशासन और संयम बनाए रखती है तो ऐसे अभ्यास भविष्य में किसी भी आपदा के समय जान-माल की रक्षा में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 23 जनवरी को होने वाला यह सायरन और ब्लैक आउट उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़े स्तर का सुरक्षा अभ्यास माना जा रहा है।



