
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच फंसे एक भारतीय यात्री ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि किस तरह हालात अचानक बिगड़ गए और हवाई सेवाएं ठप होने से सैकड़ों लोग एयरपोर्ट पर ही फंस गए। यात्री के मुताबिक, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा अलर्ट के चलते उड़ानों को रद्द कर दिया गया, जिससे कई भारतीय परिवारों में चिंता की लहर दौड़ गई। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात यानी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए फंसे यात्रियों के लिए विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए। एयरपोर्ट पर भोजन, पानी, अस्थायी ठहराव और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। भारतीय दूतावास ने भी स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर नागरिकों की सूची तैयार की और सुरक्षित वापसी के विकल्प तलाशे। यात्री ने बताया कि संकट की इस घड़ी में UAE अधिकारियों का व्यवहार बेहद संवेदनशील और सहयोगपूर्ण रहा। उन्होंने न केवल वीज़ा अवधि बढ़ाने में मदद की, बल्कि ट्रांजिट यात्रियों के लिए होटल व्यवस्था भी कराई। कई स्वयंसेवी संगठनों ने भी आगे आकर जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाई। भारतीय सरकार ने हालात पर नजर बनाए रखते हुए परामर्श जारी किया और हेल्पलाइन नंबर सक्रिय किए। इस पूरे घटनाक्रम ने दिखाया कि आपात स्थितियों में कूटनीतिक तालमेल और मानवीय दृष्टिकोण कितना अहम होता है। फंसे भारतीयों ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि मुश्किल समय में मिली यह मदद जिंदगी भर याद रहेगी।



