
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने हाल ही में हुए हमास हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया है। UN महासचिव और सुरक्षा परिषद ने हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के उल्लंघन के रूप में देखते हुए इसे तुरंत रोकने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र ने एक ओर जहां हमास को हिंसा समाप्त करने की चेतावनी दी, वहीं इजरायल को भी विशेष सावधानी और संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस पूरे मसले पर UN ने 10 प्रमुख बिंदुओं में अपना रुख स्पष्ट किया, जिसमें क्षेत्र में शांतिपूर्ण समाधान को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया।
UN ने कहा कि हमास द्वारा किए गए हमले अस्वीकार्य हैं और ऐसे कृत्य किसी भी उद्देश्य को न्यायोचित नहीं ठहराते। परिषद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वे आतंकवादी गतिविधियों के विरुद्ध एकजुट होकर कदम उठाएं। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल को सुझाव दिया कि वह जवाबी कार्रवाई करते समय अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करे और अनावश्यक हानि से बचे। UN ने जोर देकर कहा कि नागरिकों पर हमले या उन्हें निशाना बनाना किसी भी पक्ष द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र ने यह भी कहा कि गाजा और आसपास के क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए सुरक्षित रास्ते खोले जाएं, ताकि आम लोगों के जीवन को बचाया जा सके। संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ते तनाव से भोजन, पानी और दवाइयों की भारी कमी पैदा हो सकती है, जिसका सबसे अधिक असर बच्चों और महिलाओं पर पड़ेगा।
UN के इन सुझावों के पीछे मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों को युद्ध विराम की दिशा में आगे बढ़ाना है। संगठन ने यह भी कहा कि मध्यपूर्व में स्थायी शांति तभी संभव है जब बातचीत और कूटनीति को फिर से प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
हमास और इजरायल के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष पर UN की यह प्रतिक्रिया एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों पक्ष UN के दिशानिर्देशों को मानते हैं, तो क्षेत्र में तनाव कम होने और मानवीय संकट पर काबू पाने में मदद मिल सकती है।



